पीलीभीत बाईपास पर गड्ढे में दबकर छह मजदूरों की मौत के मामले में कंपनी के सुपरवाइजरों ने पुलिस को गुमराह कर दिया। उन्होंने पुलिस को कंपनी का नाम ही गलत बता दिया और पुलिस ने उस पर ही रिपोर्ट दर्ज कर ली। बृहस्पतिवार को रिलायंस जियो के अधिकारियों से आईजी डीके ठाकुर से गलत तरीके से अपना बैरीकेडिंग टेप इस्तेमाल करने की शिकायत की तब इसका खुलासा हुआ।
मंगलवार रात पीलीभीत बाईपास पर ऑप्टीकल फाइबर केबल (ओएफसी) बिछाने के दौरान गड्ढे में काम कर रहे छह मजदूरों की मिट्टी की ढांग ढहने से मौत हो गई थी और तीन घायल हो गए थे। पुलिस ने मौके से कंपनी के सुपरवाइजर मध्यप्रदेश के भिंड जिला अंतर्गत थाना लाहर के गांव रूहानी सिंह पूरा निवासी धीर सिंह और इटावा के थाना उस्राहार के गांव सुतिवानी निवासी अंशुल कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि वे विद्या टेलीलिंक कंपनी के लिए काम करते हैं। यह कंपनी एयरटेल की ओएफसी बिछा रही है। इस पर पुलिस ने रुहेलखंड चौकी इंचार्ज संजीव शर्मा की ओर से विद्या टेलीलिंक और दोनों सुपरवाइजरों के खिलाफ गैरइरादतन हत्या की खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। सुपरवाइजरों को पुलिस ने बुधवार को जेल भी भेज दिया।
इस मामले में बृहस्पतिपार को रिलायंस जियो इंफोकॉम के नवनीत सिंह ने कंपनी की मेरठ से आई टीम के साथ आईजी डीके ठाकुर से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि पीलीभीत बाईपास पर ओएफसी बिठाने का काम विंध्याटेल लिमिटेड (वीटीएल) कर रही थी। उससे रिलायंस जियो का कोई लेना-देना नहीं है लेकिन फिर भी वीटीएल काम के दौरान बैरीकेडिंग में रिलायंस जियो के टेप का इस्तेमाल कर रही थी। रिलायंस जियो की टीम ने जब यह खुलासा किया तो पुलिस को पता चला कि सुपरवाइजरों ने कंपनी का नाम गलत बताया था। उन्होंने पुलिस को अपनी कंपनी का नाम विद्या टेलीलिंक बताया था जबकि कंपनी का असली नाम विंध्याटेल लिमिटेड है। आईजी ने रिलायंस जियो की टीम को इस मामले से जुड़े सबूत बारादरी थाना पुलिस को देने के लिए कहा ताकि उन्हें विवेचना में शामिल किया जा सके।
प्रशासन को गुमराह करने के लिअ लगाया रिलायंस जियो का टेप
जियो की टीम ने आईजी को बताया कि उनकी कंपनी भी शहर में ओफसी बिछा रही है। उसके पास संबंधित विभागों की अनुमति है और अनापत्ति प्रमाणपत्र हैं। जियो कंपनी बरसात में काम नहीं कराती है। लिहाजा इन दिनों शहर में उसका काम बंद है। चूंकि वीटीएल के पास खुदाई की अनुमति नहीं थी, लिहाजा उसने प्रशासन को गुमराह करने के लिए रिलायंस जियो की बैरीकेडिंग टेप का इस्तेमाल किया, ताकि अगर कोई अधिकारी खुदाई पर ध्यान भी दे तो वह यही माने कि जियो का काम चल रहा है।