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फिलहाल बचे विधायक कुशाग्र, पीड़िता ने बयान दर्ज कराने को मांगे पांच दिन

Fri, 01 Jun 2018 01:00 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
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kushagra sagar
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घर की नौकरानी की बेटी के साथ दुष्कर्म के आरोप में घिरे बिसौली के भाजपा विधायक कुशाग्र सागर को पांच दिन के लिए कुछ राहत मिल गई है। बृहस्पतिवार को सीओ कार्यालय पहुंची पीड़िता ने इस मामले में जल्दबाजी में अपना बयान देने से इन्कार कर दिया। उसने बयान देने और एफआईआर दर्ज कराने के लिए पांच दिन की मोहलत मांगी। एसएसपी के निर्देश के बाद उसे पांच दिन का समय दे दिया गया है।
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विधायक कुशाग्र सागर के ग्रीन पार्क स्थित आवास पर काम करने वाली नौकरानी की 22 वर्षीय बेटी ने मंगलवार को एसएसपी कलानिधि नैथानी के सामने पेश होकर उन पर पांच सालों से दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। एसएसपी ने सीओ थर्ड नीति द्विवेदी को पीड़िता के आरोपों की जांच करने का आदेश दिया था। इसके बाद पुलिस ने पीड़िता को बयान दर्ज कराने के लिए तलब किया था। बृहस्पतिवार को सीओ कार्यालय पहुंची पीड़िता ने इस मामले में जल्दबाजी में अपना बयान दर्ज कराने से इंकार कर दिया। उसने कहा कि उसे पांच दिन की मोहलत दी जाए ताकि वह सोचसमझकर अपना बयान दर्ज करा सके। एसएसपी के निर्देश पर पुलिस ने उससे इस आशय का प्रार्थना पत्र लिखवाकर उसे पांच दिन की मोहलत दे दी है। इस प्रार्थना पत्र पर पीड़िता की मां ने भी हस्ताक्षर किए हैं।

अफसरों ने गलत बयान दिया, मैं गायब नहीं थी
सीओ कार्यालय पहुंची पीड़िता ने पुलिस अफसरों के उस बयान पर एतराज जताया जिसमें बुधवार को उसे अपने घर से गायब बताया था। पीड़िता ने कहा कि न वह कहीं गायब हुई न अंडरग्राउंड है। वह बुधवार को अपनी मां के साथ रुद्रपुर (उत्तराखंड) में अपने एक रिश्तेदार के घर गई थी। इसी वजह से सीओ कार्यालय में पेश नहीं हो पाई। पीड़िता ने विधायक से अपनी जान को खतरा होने वाले बयान से भी यू टर्न मार लिया। उसने कहा कि उसे विधायक की ओर से उसे जान का कोई खतरा नहीं है। उसने कहा कि उसे एफआईआर दर्ज करानी होगी तो वह दोबारा उपस्थित हो जाएगी। उसके इस निर्णय में उसकी मां भी उसके साथ है।
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कहीं घटनाक्रम खुद को दोहरा तो नहीं रहा
पीड़िता ने सन् 2014 में भी कुशाग्र सागर पर दुष्कर्म के आरोप लगाए थे और एसएसपी को तहरीर देकर कहा था कि सन् 2012 में कुशाग्र ने अपने ग्रीन पार्क स्थित आवास में उसके साथ दुष्कर्म किया था। तब सीओ थर्ड को जांच दी गई। करीब सवा महीने तक पुलिस वादी और प्रतिवादी पक्ष के बयान दर्ज नहीं कर सकी। इसके बाद पुलिस को एक समझौतानामा भेज दिया गया और मामले का पटाक्षेप हो गया। उस वक्त के आरोपों के बाद पीड़िता को दस लाख देने की बात तो भाजपा विधायक कुशाग्र सागर भी कह चुके हैं।

पीड़िता के लिखित बयान दर्ज होने थे लेकिन उसने पांच दिन की मोहलत मांगी है। पुलिस उसका सहयोग कर रही है। उसने विधायक से अपनी जान को कोई खतरा होने से भी इंकार किया है। - कलानिधि नैथानी, एसएसपी
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