विश्व जागृति मिशन के संस्थापक सुधांशु महाराज और उनके शिष्यों पर धोखा देकर बेशकीमती मकान दान में लिखवाने और नकदी व जेवरात ले लेने का आरोप लगाते हुए संजयनगर की एक महिला ने कोर्ट में मुकदमा पंजीकृत कराने को अर्जी दी है। कोर्ट ने पुलिस से इस मामले में रिपोर्ट तलब की है।
बिहारमान नगला गोपाल नगर संजयनगर की रहने वाली 72 वर्षीय कृष्णा शर्मा ने अपने वकील अवधेश सक्सेना के जरिये अदालत में अर्जी दी है कि वह 2004 में रामपुर गार्डन के देवेंद्र खंडेलवाल के जरिये विश्व जागृति मिशन के संस्थापक सुधांशु महाराज से जुड़ीं और उनके सत्संगों में भाग लेने लगीं। सुधांशु महाराज ने उन्हें मोक्ष प्राप्त करने के लिए दीनदुनिया और माया-मोह का त्याग करने झांसा दिया और प्रपंच रचकर योजनाबद्ध ढंग से बातों में उलझा लिया। इस काम में उनके शिष्यों ने भी उनका साथ दिया।
आरोप है कि इन लोगों ने उनसे उनके बेशकीमती मकान का दानपत्र लिखवा लिया। साथ ही साढ़े सात लाख रुपये नकद और पुश्तैनी सोने-चांदी के जेवर भी झटक लिए। उनसे कहा कि खानपान और इलाज की जिम्मेदारी उठाने के साथ वे जीवन भर उनकी सेवा करेंगे। कृष्णा शर्मा ने अपनी अर्जी में आरोप लगाया है कि उनकी संपत्ति लेने के कुछ दिन बाद तक तो सुधांशु महाराज और उनके शिष्यों ने उन्हें ठीक से रखा, लेकिन बाद मेें उन्हें मारने के लिए गलत दवाएं दीं और गलत ढंग से उनका इलाज करवाया। वह मरणासन्न हालत में पहुंच गईं तो उन्होंने इसकी सूचना अपने भाई को दी, जिसके बाद उनके भाई ने उनका इलाज करवाया।
कृष्णा शर्मा ने अर्जी में यह भी आरोप लगाया है कि 8 मार्च 2018 को सुधांशु महाराज ने खुद उनके घर आकर उन्हें धमकी दी कि अगर मुंह खोला तो बेमौत मारी जाओगी। अदालत ने इस मामले में पुलिस से रिपोर्ट तलब की है। मामले की सुनवाई के लिए 18 मार्च की तारीख तय की गई है।