बरेली। भोजीपुरा थाने के मनेहरा गांव निवासी एक बुजुर्ग की कैंसर से मौत के बाद दो पत्नियों की संतानों में संपत्ति को लेकर खासी भिड़ंत हो गई। एक बेटे ने अपने सौतेले भाइयों पर जायदाद हड़पने की खातिर पिता की हत्या की आरोप लगाकर शिकायत की तो पुलिस ने पोस्टमार्टम करा दिया। इसमें कैंसर से मौत की पुष्टि हुई। पुलिस आपसी विवाद बताकर कार्रवाई से परहेज कर रही है।
80 वर्षीय फूल सिंह गांव में पत्नी रामसनेही व उनके तीन बेटों ओमसिंह, लखपत और उल्फत के साथ गांव में रहते थे। बुधवार को उनकी मौत की सूचना पर बरेली के छोटी बिहार में रहने वाले उनकी पहली पत्नी रामबेटी के पुत्र कल्याण सिंह गांव पहुंचे। कल्याण के मुताबिक तीनों सौतेले भाईयों ने उनसे मारपीट करके भगा दिया। पिता की मौत की सूचना भी दूसरों से ही मिली थी। उन्हें लगा कि भाइयों की नीयत में खोट है। उन्होंने ही पिता को मारा है। उन्होंने तहरीर दी है। भोजीपुरा थाना प्रभारी मनोज कुमार का कहना था कि चौकीदार की सूचना पर शव का पोस्टमार्टम कराया है। कोई तहरीर नहीं मिली है।
ये साजिशन हत्या की है सौतेले भाइयों ने
कल्याण ने बताया कि उनकी मां के कोई संतान न होने पर परिजनों की मर्जी से पिता की शादी उनकी मौसी रामसनेही से करा दी गई। बाद में उनका भी जन्म हुआ। पिता गांव में भाइयों के साथ रहते थे। वह भी आते जाते थे। इसी 23 जनवरी को इन लोगों ने पिता की 56 बीघा बेशकीमती जमीन और मकान की वसीयत अपने नाम करा ली। अब पिता को मारकर उस पर काबिज होना चाहते हैं। वे ऐसा नहीं होने देंगे।
पिता बीमार थे. सौतेले भाई झांके तक नहीं
रामसनेही के तीनों पुत्रों ने बताया कि पिता को लंबे समय से कैंसर था। वे मेडिकल कॉलेज में इलाज करा रहे थे। नौ मार्च को ही घर लाए थे। सौतेली मां और भाई कभी उन्हें देखने तक नहीं आए। इनसे नाराज होकर ही पिता ने उन्हें वसीयत कर दी। उनके पास इलाज से लेकर हर रिकार्ड मौजूद है। अब पिता के मरने पर संपत्ति हड़पने को ये अनर्गल आरोप लगा रहे हैं।