बरेली। क्योलड़िया क्षेत्र में सगी बहन की हत्या के आरोपी युवक को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। उसने अपना गुनाह कुबूलते हुए बताया कि चाचा उसकी बहन को निकाह करके गांव में ही रख रहा था। रास्ते में उसे देखकर कमेंट करता था। रोज-रोज बेइज्जती झेलनी पड़ती थी। गुस्से में उसी को मारने के लिए उसके घर गया था। वो नहीं मिला तो बहन को गोली मार दी। उसे हत्या का कोई अफसोस नहीं है।
क्योलड़िया एसओ सुधीश सिंह सिरोही अपनी टीम के साथ हत्या के आरोपी को मंगलवार दोपहर पुलिस लाइन लाए। यहां एसपी देहात संसार सिंह ने बताया कि भौआ बाजार तिराहे से पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने बताया कि चाचा उसकी छोटी बहन से शादी करके गांव में ही रख रहा था। वह इतने पर भी कुछ न करता अगर उसे उकसाया नहीं जाता। उसे देखकर चाचा उसकी दूसरी बहनों और मां के बारे में गलत टिप्पणी करता था जो उसे बर्दाश्त नहीं होती थीं। रविवार को ऐसे ही कमेंट को सुनकर आया उसका बड़ा भाई रोने लगा तो उससे रहा नहीं गया। घरवाले उसे रोकते रहे पर वो नहीं माना और बहन के घर पहुंचा। इरादा चाचा की हत्या का था पर बहन को देखा तो उसी को गोली मार दी। अब जब बदनामी की वजह ही खत्म हो गई तो चाचा को नहीं मारेगा।
चाचा से ही लिया था तमंचा
आरोपी ने बताया कि बहनोई बने चाचा का अपनी पहली पत्नी से विवाद चल रहा है। छह महीने पहले कोर्ट में तारीख करने जा रहे चाचा पर रुपये कम पड़ रहे थे। वह दिल्ली से कारचोबी का काम करके लौटा तो चाचा ने उससे रुपये मांगे। उसने कहा कि बिना किसी चीज के वह रुपये नहीं देगा। तब चाचा ने उसे 315 बोर का तमंचा दे दिया। तब से तमंचा उसके घर पर था। पुलिस ने तमंचे के साथ इसमें फंसा खोखा भी बरामद कर लिया पर गोली नहीं मिली। बता दें कि गोली पुलिस को न तो मौके पर मिली और न ही शव के पोस्टमार्टम में। इसे लेकर असमंजस बरकरार है।