बरेली/फरीदपुर। पुलिस लाइन में तैनात दरोगा की विवादित पोस्ट में भाजपा विधायकों पर कटाक्ष करते हुए एडीजी को बेहतर अधिकारी बताया गया है। पोस्ट के बाद दरोगा केवल अनजाने में इसे शेयर करने की बात कहकर मुकर रहे हैं तो एडीजी के स्टॉफ ऑफिसर ने भी पल्ला झाड़ा है।
फरीदपुर में पिछली साल तैनात रह चुके कस्बा इंचार्ज दरोगा मानचंद्र काफी विवादित रहे थे। उन्होंने रामलीला में संघ के एक कार्यकर्ता से अभद्रता की थी। शिकायत पर तत्कालीन एसएसपी ने उन्हें लाइनहाजिर कर दिया। तब से वह लाइन में ही हैं। दरोगा के मोबाइल से फरीदपुर के सोशल मीडिया ग्रुप पर सुबह 6:33 बजे एक पोस्ट डाली गई। इसमें उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा से स्थानीय विधायकों द्वारा बरेली आगमन पर की गई एक शिकायत का जिक्र था। लिखा गया कि जय भीम के अभिवादन का विधायकों ने विरोध किया। एडीजी की भी शिकायत की गई। बताया कि तमाम दलित संगठन इसके विरोध में हैं। एडीजी प्रेमप्रकाश के बारे में लिखा कि वह एक ईमानदार और तेजतर्रार अधिकारी हैं। उन पर आक्षेप गलत है। पोस्ट में जय भीम संबोधन के बारे में विस्तृत व्याख्या की गई है। बताया है कि जय भीम का विरोध ही जय भीम की आवश्यकता को दर्शाता है। पोस्ट वायरल होने के बाद ग्रुप पर कई तरह की टिप्पणी होने लगीं। बाद में मानचंद्र ने यह कहकर पल्ला झाड़ा कि यह पोस्ट उनके पास आई थी, उन्होंने उसे बिना पढ़े शेयर कर दिया था। पोस्ट से कोई लेना देना नहीं है।
वहीं इस मामले में एडीजी के स्टाफ ऑफिसर एएसपी ओपी यादव से बात की गई तो उन्होंने बताया कि एडीजी फिलहाल शहर से बाहर हैं। उनका पोस्ट से कोई लेनादेना नहीं है। एसएसपी के पीआरओ नवल मारवाह ने बताया कि पोस्ट के बारे में अभी तक कोई जानकारी या शिकायत नहीं है। जो व्यक्ति पहले से लाइनहाजिर है, उस पर और क्या कार्रवाई हो सकती है। फिर भी सोमवार को जानकारी कराई जाएगी।