बरेली। मोहर्रम के जुलूस को लेकर बलवा और विवाद के मामले में गिरफ्तार खजुरिया-उमरिया के 26 लोगों की जमानत अर्जी एसीजेएम आठ यशवंत कुमार सरोज ने खारिज कर दी। कांवड़यात्रा निकालने को लेकर उमरिया और खजुरिया के लोगों में विवाद की शुरुआत हो गई थी। उमरिया वालों के विरोध के चलते खजुरिया की कांवड़यात्रा नहीं निकली थी। इसे लेकर खजुरिया वालों ने मोहर्रम पर ताजिये नहीं निकलने दिए। इसे लेकर काफी विवाद हुआ था। विधायक पप्पू भरतौल समेत सैकड़ों लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इस मामले में पुलिस ने काफी लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बुधवार को इनमें से उमरिया के सईद अहमद, शरीफ अहमद, असलम हुसैन, रियासत, पप्पू, साजिद, समीर अहमद, जाकिर हुसैन, समीर खां और खजुरिया के सनी, छत्रपाल मौर्य, राजीव, ऋषिपाल, प्रताप सिंह, सुरेंद्र, हरिओम, मिथुन, सुभाष, जसवीर सिंह, ओमकार, विक्रम, कालीचरन, रामबाबू समेत 26 लोगों की जमानत अर्जी कोर्ट में लगाई गई थी। एसीजेएम आठ यशवंत कुमार सरोज ने सुनवाई के दौरान अर्जी खारिज कर दी।
किला थाने में बवाल के आरोपियों को नहीं मिली जमानत
बरेली। ताजुश्शरिया के इंतकाल के बाद सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी को लेकर थाना किला में हंगामा हो गया था। पुलिस ने टिप्पणी करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया तो भीड़ ने थाने पर हमला कर उन्हें अपने कब्जे में देने के लिए हंगामा किया था। इस मामले में पुलिस की ओर से रिपोर्ट दर्ज कर अमान इब्राहीम और समर को जेल भेजा गया था। बुधवार को एसीजेएम पांच की अदालत में दोनों आरोपियों की जमानत अर्जी लगाई गई, मगर कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया।