फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुलिस से उठा कालू का भरोसा, तीन पशु कटने पर भी नहीं कराई रिपोर्ट

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। पशु चोरी के मामलों में पुलिस के सवालों और कागजी खानापूरी के कारण पशुपालक परेशान हैं। तभी पशु चोरी के अधिकतर मामलों में वे पुलिस के पास जाने के बजाय खामोश बैठ जाते हैं। कैंट के एक डेयरी संचालक कालू यादव भी इन्हीं में से एक हैं। तीन दिन पहले उनके तीन पशुओं को काटकर तस्कर मांस ले गए। बाद में अवशेष मिलने के बाद भी वह खामोश बैठ गए, पुलिस के पास नहीं गए।
विज्ञापन

कैंट क्षेत्र के यादव मोहल्ले में डेयरी चलाने वाले कालू यादव के पशु गुरुवार को भी चरने गए थे। शाम को दो भैंस और एक गाय नहीं लौटीं। शुक्रवार सुबह ग्रामीणों के साथ तलाश में निकले कालू को पता लगा कि तीनों पशुओं को तस्करों ने अगवा कर खाली पड़े बंगला नंबर 29 के पास काट डाला है। कालू को वहां अपने पशुओं के अवशेष भी मिल गए। कालू काफी परेशान हुए पर थाने में तहरीर देने नहीं गए। उनसे वजह पूछी तो उन्होंने बताया कि उनकी बस्ती और क्षेत्र से अक्सर पशु चोरी होते रहते हैं पर पुलिस कार्रवाई नहीं करती। पिछले साल उनके पड़ोसी रामसिंह की गाय को तस्करों ने काट डाला था। अवशेष ठिरिया के बड़े पुल के नीचे मिले थे। तब वे भी उसके साथ में तहरीर देने गए। पुलिस ने सवाल तो बहुत पूछे पर रिपोर्ट नहीं लिखी। उन्हें इस मामले में भी भरोसा नहीं है कि पुलिस रिपोर्ट लिखकर तस्करों को पकड़ेगी।

डेयरी संचालक का पुराना अनुभव भले ही खराब रहा हो पर किसी एक कर्मचारी की वजह से पूरे थाने या पुलिस के बारे में धारणा बनाना सही नहीं है। डेयरी संचालक को इस घटना की थाने में जरूर सूचना देनी चाहिए थी। अब मामला मेरी जानकारी में आया है। डेयरी संचालक नहीं आएंगे तो मैं खुद उनसे संपर्क कर लूंगा। इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

- अशोक पाल, इंस्पेक्टर कैंट
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें