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खालिस्तान मूवमेंट से मतलब नहीं, पुराने बदमाश निकले दोनों आरोपी

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फरीदपुर (बरेली)। बुधवार रात कार में तमंचों के साथ पकड़े गए पीलीभीत के दो आरोपियों का खालिस्तान कनेक्शन दिखाए जाने का मामला बिल्कुल निराधार निकला। पुलिस और एजेंसियों की लंबी पड़ताल में आरोपी पुराने बदमाश जरूर निकले। वे फरीदपुर में क्यों आए थे? इसका भी ठोस कारण नहीं मिल सका। हालांकि गुडवर्क के तौर पर पुलिस ने दर्ज किया कि शायद वे किसी आपराधिक वारदात को अंजाम देने यहां पहुंचे थे। दोनों को तमंचा बरामदगी में ही जेल भेजा गया।
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बुधवार रात थाना पुलिस ने कस्बे में गुलाब नगर के पास एक इंडिगो कार में दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें एक पीलीभीत के पूरनपुर का निवासी यदुवीर और दूसरा बुजुर्ग माधोटांडा का अंग्रेज सिंह निकला। रात में ही चर्चा उड़ी कि दोनों खालिस्तान मूवमेंट से जुड़े हैं। चर्चा यह भी उड़ी कि आरोपी दो नहीं, तीन हैं और इनके पास एक 47 पकड़ी गई है। रात भर पुलिस ने इस बारे में अफसरों को भी जानकारी नहीं दी। सुबह खालिस्तान मूवमेंट से जुड़ा मामला पता चलने पर एसएसपी ने इंस्पेक्टर फरीदपुर सतीश कुमार को फटकार लगाई। पूछा कि इतनी गंभीर बात क्यों छुपाई गई। तब इंस्पेक्टर ने जवाब दिया कि खालिस्तान मूवमेंट से कनेक्शन का कोई मामला नहीं है। वे अच्छी तरह तस्दीक कर चुके हैं। दोनों पुराने बदमाश हैं जिन पर सन 1998 तक पीलीभीत जिले में आपराधिक मामलों के केस दर्ज हैं। तब एसएसपी ने हथियार रखने की संबंधित धाराओं में ही केस दर्ज करने का आदेश दिया। पुलिस ने दोनों को तमंचा बरामदगी में जेल भेज दिया।

कई लोग मिलने आए, दुकान पर चाय पी
- बदमाशों को दोपहर के समय न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया जहां से दोनो को जेल भेज दिया। दोनों आरोपी काफी रसूखदार लग रहे थे। जेल भेजा गया तो पुलिस अभिरक्षा में ही कोर्ट के पास दुकान में पहले चाय पी गई और उसके बाद एक मारुति इको से पुलिस दोनो बदमाशों के ले गई। उनके साथ काफी संख्या में लोग भी थे।
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हिस्ट्रीशीटर है यदुवीर, अंग्रेज भी शरीफ नहीं
- आरोपी यदुवीर पूरनपुर थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ वर्ष 1998 तक हत्या की कोशिश, लूट का माल बरामद होने, आर्म्स एक्ट जैसे चार मामले दर्ज हैं। बुजुर्ग बदमाश अंग्रेज पर माधोटांडा में अपहरण और आर्म्स एक्ट का केस दर्ज है।

- आरोपी खालिस्तान समर्थक नहीं हैं। इस तरह का कोई प्रमाण पुलिस को नहीं मिला। वे पुराने बदमाश थे और यहां किसी घटना को करने आए थे। पुलिस ने उनको गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उनके पास पहले भी कभी एके 47 बरामद नहीं हुई।- सतीश कुमार, प्रभारी निरीक्षक, फरीदपुर
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