ओरियंटल बैंक में नौकरी लगवाने के नाम पर विकास भवन में अर्थ एवं सांख्यिकी विभाग में कार्यरत नरेश पाल ने लोको पायलट पद से रिटायर हुए एक शख्स से छह लाख रुपये ठग लिए। आरोप है कि शातिर नरेश ने बैंक से सांठ गांठ कर साक्षात्कार का लेटर भी भिजवा दिया। मढ़ीनाथ शांति बिहार निवासी विजय कुमार रेलवे लोको पायलट पद से रिटायर हैं। इनकी विकास भवन में अर्थ एवं सांख्यिकी विभाग में चतुर्थ श्रेणी के पद पर कार्यरत नरेश पाल से अच्छी तरह से जान पहचान थी। विजय का आरोप है कि नरेश पाल ने बेटे अभय कुमार की नौकरी बैंक में लगवाने की बात कही थी। कहा, मगर इसके लिए छह लाख रुपये खर्च करने होंगे। इसके बाद विजय ने एक दिसंबर 2015 को 50 हजार नरेश के खाते में डाल दिए और बाकी साढ़े पांच लाख रुपये अपने घर पर नकद दिए। नरेश ने सांठगांठ कर साक्षात्कार के लिए ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स प्रादेशिक कार्यालय द्वारा विजय कुमार के घर पर लेटर भी भिजवा दिया। लेकिन साक्षात्कार नहीं हुआ। बेटे की नौकरी नहीं लगने से परेशान विजय ने नरेश से अपने रुपये लौटाने को कहा। नरेश ने रकम लौटाने से साफ मना कर दिए। पीड़ित विजय ने नरेश पाल के खिलाफ सुभाषनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।