बरेली। महिला अधिवक्ता के हत्यारों में कोई बेहद नजदीकी शामिल रहा है। उसके आने पर ही सीमा ने दरवाजा खोला होगा। पुलिस का मानना है कि वारदात में दो या तीन लोग शामिल रहे हैं। सीमा उन्हें न केवल कमरे के अंदर लेकर आईं बल्कि उन्हें चाय बनाकर भी पिलाई। पुलिस को चेयबल पर चाय के तीन खाली कप रखे मिले। उनके तले पर बची चाय सूख चुकी थी। इतना ही नहीं सीमा ने इनके लिए खाने की भी तैयारी की थी। रसोई में सब्जी बन चुकी थी। आटा तकरीबन तीन लोगों की खुराक लायक गूंधा गया था। सीमा ने कचहरी ले जाने के लिए अपना टिफिन लगाने की भी तैयारी कर ली थी। हत्यारों ने वारदात को अंजाम देने के बाद घर में बाहर से ताला लगा दिया ताकि लोगों को यही लगे कि सीमा कहीं बाहर गई हैं। भागने से पहले कातिल सीमा के तीनों मोबाइल और गले में पहनी गई ज्वैलरी भी अपने साथ ले गए। पुलिस ज्वैलरी ले जाने से इंकार कर रही है।
मां से बोली थीं- अभी फंसी हूं कुछ देर बाद बात करती हूं
अमरोहा के गांव बादशाहपुर में रहने वाले सीमा के भाई राजीव कौशिक ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे मां ब्रह्मा देवी ने सीमा से मोबाइल पर बात की थी। उस समय सीमा कुछ जल्दबाजी में थीं। बोलीं- अभी फंसी हूं, कुछ देर बाद बात करती हूं। बाद में मां समेत घर के सभी लोग सीमा के तीनों नंबरों पर काल करते रहे लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। शनिवार दोपहर राजीव ने सुभाषनगर में रहने वाले अपने साढ़ू की बेटी पूजा को सीमा के घर देखने भेजा, लेकिन ताला लगा देख पूजा लौट गई। अनहोनी की आशंका होने पर राजीव इंटरसिटी एक्सप्रेस से शनिवार रात करीब नौ बजे बरेली पहुंचे, लेकिन वह सीमा के घर जाने के बजाय सुभाषनगर में अपने साढ़ू के घर जाकर रुक गए। सुबह आठ बजे साढ़ू के साथ सीमा के घर पहुंचे। ताला लगा मिलने पर कोतवाली जाकर पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस ने उनसे गुमशुदगी की तहरीर लिखवाकर ले ली और फिर मौके पर पहुंची। पुलिस ताला तुड़वाकर घर के अंदर घुसी तो कमरे में भी ताला लगा मिला, लेकिन अंदर से दुर्गंध आ रही थी। ताला खुलवाकर पुलिस ने लाश बरामद की।
आठ नंबर जूते का फुट प्रिंट मिला
पुलिस को मौके से फुट (जूता) प्रिंट मिला है। जोकि आठ नंबर जूते का लग रहा है। सर्विलांस की मदद से सीमा के मोबाइलों की कॉल डिटेल निकाली जा रही है। काल डिटेल से ही कातिल का पहला सुराग मिलेगा। डॉग स्क्वाड घर के अंदर ही घूमकर रह गया।
कटा सिर तख्त के नीचे मिला
लाश देखकर पुलिस वाले भी चौंक गए, क्योंकि धड़ मिला लेकिन सिर गायब था। महिला कांस्टेबल ने तख्त के नीचे झांककर देखा तो करीब दो कदम की दूरी पर सिर दीवार के पास पड़ा था। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। राजीव के मुताबिक, सीमा शुगर की मरीज थीं। जून में उन्हें इलाज के लिए एम्स (दिल्ली) ले जाया गया था। परिवार के लोग उनसे अमरोहा में साथ रहने के लिए कह रहे थे, लेकिन सीमा इसके लिए तैयार नहीं थीं।
तीन विवादों में छिपा हो सकता है हत्या का राज
विवाद नंबर-1
पुलिस ने घर से कुछ पासबुक सहित अन्य दस्तावेज कब्जे में लिए हैं। तफ्तीश में सामने आया कि पति से तोहफे में मिले रामपुर में करीब 500 वर्गगज के प्लॉट को सीमा ने पिछले दिनों 62 लाख रुपये में बेचा था। पुलिस के मुताबिक, यह रकम भी वारदात की एक वजह हो सकती है।
विवाद नंबर-2
पति से तलाक और गुजारा भत्ता को लेकर सीमा का मुकदमा चल रहा था। शुरुआत में कई बार उन्होंने पति के साथ रहने की कोशिश की थी, लेकिन बात नहीं बनी। पुलिस मुरादाबाद में पति से संपर्क करके बरेली बुला रही है, ताकि उनसे पूछताछ की जा सके।
विवाद नंबर-3
राजेंद्र कपूर की सिविल लाइंस में कीमती जमीन के साथ लगे जर्जर मकान में पहले से रह एक व्यक्ति को निकालने के बहाने सीमा ने राजेंद्र के मकान में रहना शुरू किया था। बाद में करीब 10 साल पहले राजेंद्र ने यह प्रॉपर्टी झंकार ज्वेलर्स के मालिक कमल अग्रवाल को बेच दी। इसके बाद से किरायेदारी को लेकर सीमा का राजेंद्र से मुकदमा चल रहा था।
पति और बेटे से वर्षों से संपर्क में नहीं
बकौल राजीव, वह पिछले सोमवार को तीज पर सीमा से मिलने आए थे। उन्होंने बताया कि पीलीभीत में तैनाती के दौरान बहनोई रामेंद्र (सीमा के पति) का पैर टूटा था। तब सीमा की तहेरी बहन अनुराधा ने उनकी देखभाल की थी। इसके बाद रामेंद्र सीमा को छोड़कर अनुराधा के साथ रहने लगे। सीमा का बेटा आकाश शादी से पहले कुछ समय पिता के साथ रहा। अब उसकी तैनाती कहां है, यह उन्हें भी नहीं पता। जांच में सामने आया कि शराब गोदाम के सामने रहने से पहले सीमा सुभाषनगर में किराये पर रहती थीं। वहां भी उनका मकान मालिक से विवाद हुआ था।
तीन साल पहले घर से चोरी हुए थे दस्तावेज
राजीव ने बताया कि सीमा के घर में तीन साल पहले चोरी हुई थी। इसमें खास बात यह रही कि चोर कोई कीमती सामान ले जाने के बजाय सीमा के मुकदमों, बैंक और जमीन के दस्तावेज चोरी कर ले गए थे।
विवाद के चलते नहीं खरीदा था मकान
झंकार ज्वेलर्स के मालिक कमल अग्रवाल ने बताया कि 2005 में उन्होंने राजेंद्र कपूर से जमीन खरीदी थी, लेकिन कीमती जमीन के साथ लगे इस मकान को कोर्ट में मुकदमा चल रहे होने के कारण नहीं खरीदा था। इधर, राजेंद्र कपूर का कहना है कि सीमा के घर अक्सर लोगों का आना-जाना लगा रहता था। बोले, हाईकोर्ट से किरायेदारी के मुकदमे में फैसला उनके पक्ष में आ चुका है।
हत्या का खुलासा करने के लिए टीमों को लगाया गया है। पुलिस एक साथ कई लाइन पर काम कर रही है। कुछ प्रॉपर्टी विवाद भी सामने आए हैं। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। - मुनिराज जी. एसएसपी