बरेली। नाबालिग लड़की का अपहरण कर उसके साथ दुराचार करने के आरोप में अदालत ने आरोपी को दस साल कैद की सजा सुनाई है। हालांकि लड़की ने अदालत में गवाही के दौरान आरोपी के साथ शादी करने की बात कही, लेकिन नाबालिग होने के कारण अदालत ने उसका बयान खारिज कर दिया।
सिरौली में रहने वाले एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि एक सितंबर 2012 को दोपहर दो बजे उसकी पत्नी 14 साल की बेटी के साथ घास काटकर घर लौट रही थी। इसी दौरान मारुति वैन से पहुंचे गांव बरसेर निवासी केदार और उसका मामा मदन लाल उसकी बेटी से बातचीत करने लगे। जैसे ही उसकी पत्नी कुछ आगे निकली, ये दोनों उसकी बेटी को फुसलाकर अपने साथ बरसेर की तरफ ले गए। अभियोजन की ओर से सरकारी वकील केएम खान ने दस गवाह पेश किए। लड़की ने गवाही दी कि वह अपनी मर्जी से केदार के साथ हरिद्वार गई थी जहां उसके साथ शादी कर ली। उसके एक बच्चा भी है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि नाबालिग होने के कारण इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि पीड़िता अभियुक्त के साथ रह रही है और उसके एक बच्चा भी है। उसकी सहमति को कानूनी सहमति नहीं माना जा सकता।