कांवड़ यात्रा में कांवड़िये धूम-धड़ाके के साथ चलेंगे। पुलिस प्रशासन ने छोटे डीजे को सशर्त अनुमति देने का मन बनाया है। हालांकि, डीजे सुप्रीम कोर्ट से निर्धारित मानक 40 डेसीबल से ज्यादा शोर नहीं मचा सकेंगे। 10 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा के लिए एडीजी बृज राज मीना सोमवार को नौ जिलों के पुलिस अधिकारियों के साथ मंथन करेंगे। उनका दावा है कि कांवड़ियों को पिछले साल से बेहतर व्यवस्थाएं और सुरक्षा मिलेगी।
एडीजी ने बताया कि कांवड़ यात्रा में छोटे डीजे को अनुमति दी जा सकती है, लेकिन कोर्ट की गाइड लाइन के मुताबिक कम आवाज वाले डीजे और लाउडस्पीकर को ही अनुमति दी जाएगी। वहीं, एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने बताया कि शासन से मिलने वाले दिशा-निर्देश के मुताबिक ध्वनि यंत्रों को अनुमति दी जानी है। इनके जरिये सिर्फ भजन बजाये जा सकेंगे।
ड्रोन और सीसीटीवी
कैमरों से होगी निगरानी
बड़ी संख्या में डाक कांवड़ियों की आमद के मद्देनजर हाईवे पर चेक पोस्ट बनाई जाएंगी। पैदल आने वाले कांवड़ियों के लिए हाईवे वन वे रखा जाएगा। पुलिस तकनीकी मदद भी लेगी। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों की मदद से कांवड़ियों की निगरानी रखी जाएगी। कांवड़ के दौरान हर इनपुट को अधिकारी वाट्सएप ग्रुप पर साझा करेंगे।
सोशल मीडिया पर भी
पुलिस का पहरा रहेगा
पुलिस सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखेगी। साइबर सेल को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। एडीजी के मुताबिक, ध्वनि प्रदूषण अधिनियम 2000 के अनुसार अस्पताल, नर्सिंग होम, स्कूल, हॉस्टल, बैंक और कोर्ट के 200 मीटर के दायरे में निर्धारित डेसीबल से अधिक शोर नहीं किया जा सकेगा।
आतंकी हमले के इनपुट
के बाद विशेष सतर्कता
खुफिया इकाईयों के पास आतंकी हमले के इनपुट के बाद विशेष सतर्कता बरती जानी है। घाट से पानी भरकर सिद्ध मंदिरों में जलाभिषेक करने तक कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए पुलिस मुस्तैद रहेगी। किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए पुलिस तैयार है। यातायात पुलिसकर्मी ब्रेथ एनालाइजर के साथ ड्यूटी पर रहेंगे। डायल 100 पर फस्ट एड बाक्स, टार्च और दंगा निरोधक उपकरण तैयार रहेंगे।