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मनवीर ट्रेन में बैठकर मांगता था एक करोड़ की फिरौती

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बरेली।
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शहर के बहुचर्चित मेडिकल छात्र अनुराग पाल अपहरण कांड के फरार आरोपी मनवीर को कोतवाली पुलिस ने अमरोहा से गिरफ्तार किया है। मनवीर ही वह शख्स है, जिसने मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेने के बहाने अनुराग पाल से दोस्ती की, फिर उसको मिलने के लिए शाहजहांपुर बुलाकर अपहरण किया था। अपहरणकांड के मास्टर माइंड अनुराग के चचेरे भाईयों ने इस साजिश में मनवीर को शामिल किया था। अपहरण के 13 दिनों के अंदर ही अनुराग की गला दबाकर हत्या करके शव को ट्रेन की जरनल बोगी में रख दिया गया था, लेकिन परिवार को छह महीनों तक मनवीर और अजय ट्रेन में बैठकर फोन करके एक करोड़ की फिरौती मांगते रहे थे। पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद मनवीर ने अपहरण कांड से संबंधित बातों का खुलासा किया।
अमरोहा के सीकरी भूड़ गांव निवासी मनवीर गाजियाबाद की कपड़े की फैक्ट्री में सुपरवाइजर है। मुरादाबाद के मुस्लिम कॉलेज से प्राइवेट बीकॉम की पढ़ाई कर रहा है। उसके मुताबिक रेलवे में नौकरी के लिए उसने अपने गांव के रघुवीर के जरिये सात लाख दिया था, लेकिन नौकरी नहीं लगी थी। इसी दौरान वह विष्णु और अजय के संपर्क में आया था। उनका रुपया भी डूब गया था। मनवीर सरकारी नौकरी के लिए तैयारी कर रहा था। उसको रुपयों की भी जरूरत थी। इसलिए वह विष्णु के साथ अपहरण की साजिश में शामिल हुआ था।
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एक तिलहर, दो सिम हरदोई से खरीदे
मनवीर ने बताया कि अनुराग से बात करने के लिए पहला सिम कार्ड तिलहर से खरीदा, फिर दो सिम कार्ड हरदोई की दुकानों से लिए थे। बिना आईडी दिए सिम कार्ड लेने के लिए 100 रुपये अतिरिक्त देना होता था। इन दुकान के मालिकों को पुलिस गिरफ्तार करके पहले ही जेल भेज चुकी है।

फिरौती नहीं मिली तो गाजियाबाद भागा मनवीर
ब्रीफकेस में लाश ठिकाने लगाने के बाद मनवीर लखनऊ, हरदोई, बरेली, मुरादाबाद में घूमता रहा था। जब फिरौती का रुपया नहीं मिला तो वह गाजियाबाद में अपनी नौकरी पर पहुंच गया।
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यह है पूरा मामला
शाहजहांपुर के सिंधौली में रसूलपुर चठिया गांव निवासी डॉ. हाकिम सिंह का बेटा अनुराग पाल गंगाशील मेडिकल कॉलेज में बीएएमएस द्वितीय वर्ष का छात्र था। वह रामपुर गार्डन स्थित हॉस्टल में रहता था। कॉलेज में रविवार की छुट्टी होने पर हर शनिवार को वह अपने गांव जाता था। 30 अप्रैल 2016 को भी वह अपने घर जाने के लिए निकला था, लेकिन गांव नहीं पहुंचा था। रास्ते में ही उसका अपहरण कर लिया गया था। अपहरणकर्ताओं ने दो मई 2016 को अनुराग के पिता हाकिम सिंह को एक करोड़ रुपये की फिरौती के लिए फोन आया था।
 
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