बरेली। बांग्लादेशी किशोरी से देह व्यापार के मामले में सुभाषनगर पुलिस ने महिला समेत दो आरोपियों को जेल भेज दिया है, जबकि दो भागे हुए हैं। रविवार को एसपी सिटी ने प्रेसवार्ता में बताया कि अनैतिक कार्य से इंकार पर किशोरी को सिगरेट से जलाया जाता था। उसे भूखा भी रखते थे।
एसपी सिटी अभिनंदन सिंह ने बताया कि मुंबई के पूर्णता एनजीओ ने घाटकोपर थाने में सूचना दी कि चार साल पहले बांग्लादेश से लाई किशोरी को दिल्ली में बेचा गया है। जांच में पता लगा कि किशोरी बरेली में बेची गई है। एनजीओ टीम दस दिन से बरेली में रहकर स्थानीय पुलिस के संपर्क में थी। सुभाषनगर पुलिस ने 31 जनवरी को राजीव कॉलोनी से उसे खोजा। वह बेहोश थी, उसका इलाज कराया जा रहा था। पुलिस के मुताबिक, किशोरी ने बताया कि खरीददारों ने उसे मुरादाबाद, बदायूं और फिर बरेली लाकर रखा। उसे धमकाकर ग्राहकों संग भेजते थे और एवज में मोटी रकम वसूलते थे पर उसे कुछ नहीं देते थे। मना करने पर पीटने के साथ ही सिगरेट से शरीर दागते थे। भूखा भी रखते थे। बताया कि छह माह से वीरभट्टी के कांताप्रसाद के घर में थी। वहां कांता और उसकी पत्नी लक्ष्मी राजपूत उससे गलत काम कराते थे। तिलक कॉलोनी की गीता और उसके कथित भाई अजय ने भी छह माह अपने साथ रखकर गलत काम कराए। कई लोगों ने उसका शोषण किया। एसपी सिटी ने बताया कि कांता और उसकी पत्नी लक्ष्मी को पकड़ा है। जबकि गीता व अजय की तलाश जारी है। घाटकोपर पुलिस के साथ एनजीओ टीम सोमवार को सीडब्ल्यूसी की मदद से किशोरी को कोर्ट में पेश कर साथ साथ ले जाने की अनुमति मांगेगी। इससे पहले सोनापुर रेडलाइट एरिया से इसी किशोरी की मां को मुक्त कराया गया था।
बरेली में भी पुलिस कसेगी शिकंजा
एसपी सिटी ने बताया कि शहर में देह व्यापार पर लगाम लगाने को सुभाषनगर में एनजीओ सदस्य अनघा सुरेंद्र खड़ागले की ओर से अलग रिपोर्ट कराई गई है। बदनाम इलाकों और घरों को चिह्नित कर दबिश दी जाएगी। कुछ और लोगों के नाम सामने आ रहे हैं, जिन्हें पुष्टि के बाद पकड़ा जाएगा। कांता ने गिरफ्तारी के वक्त अपना मोबाइल तोड़ दिया। दूसरे मोबाइलों में कई लड़कियों के फोटो मिले है, इनकी जांच कराएंगे।