बरेली के नवाबगंज में शौचालय निर्माण के विवाद में दो पक्षों की तनातनी इस कदर बढ़ गई कि एक पक्ष ने डायलिसिस कराने जा रहे दूसरे पक्ष के युवक को लाठियों से पीटकर मार डाला। परिवार ने दूसरे पक्ष पर हत्या की रिपोर्ट कराई है तो दूसरे पक्ष ने भी मारपीट और एससीएसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया है। प्रधान को भी आरोपी बनाया गया है, पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
पुलिस के मुताबिक, नवाबगंज के पचुआ गांव के शिशुपाल सिंह यादव और रामौतार के मकान आसपास में हैं। दोनों के घर के बाहर कुछ जगह खाली पड़ी है। शिशुपाल के मुताबिक कुछ समय पहले उन्होंने अपने दरवाजे के पास शौचालय बनाने की कोशिश की तो रामौतार ने शिकायत की थी। जांच में उनका तर्क सही पाया गया तो समझौते में रामौतार ने लिखकर दिया कि शौचालय बनाने पर ऐतराज नहीं होगा।
शनिवार को शिशुपाल शौचालय निर्माण करा रहे थे तो फिर रामौतार ने विरोध शुरू कर दिया। दोनों पक्षों में झगड़ा शुरू हुआ तो लाठी डंडे चलने लगे। शिशुपाल के मुताबिक उनके 30 वर्षीय पुत्र त्रिभुवन को किडनी की बीमारी थी। शहर के एक अस्पताल में उसकी डायलिसिस होती है। अस्पताल की एंबुलेंस मंगाई थी। उसमें बैठने से पहले इन लोगों ने त्रिभुवन को घेरकर बुरी तरह पीटा। तत्काल ही उसे बरेली लाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। सूचना पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर चोटों के निशान मिले है तो किडनी भी खराब मिली।
मौत की वजह स्पष्ट न होने से विसरा सुरक्षित कर दिया गया। शिशुपाल की पत्नी मोहन देवी ने ग्राम प्रधान हेमराज, रामऔतार, प्रमोद, नन्हेलाल, अनिल, सुमित, मंगलसेन, प्रदीप, राहुल, विनोद, तुलाराम, शिवचरन, अजयपाल, रामस्वरूप, नत्थूलाल, द्रोपदी, बिंद्रावती के खिलाफ बेटे की हत्या की रिपोर्ट दर्ज करा दी। रामौतार पक्ष के मंगलसेन की ओर से शिशुपाल, हेमपाल, खेमपाल, सोहनलाल, उग्रसेन व चेतराम के खिलाफ एससी एसटी एक्ट आदि धाराओं में रिपोर्ट कराई है। इंस्पेक्टर श्रीकांत त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी पक्ष की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।