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एटीएम कार्ड बदलकर लाखों ठगे, सरगना गिरफ्तार

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एटीएम कार्ड बदलकर लाखों ठगे, सरगना गिरफ्तार - फोटो : बरेली, अमर उजाला
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बरेली।
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एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने वाले गिरोह के सरगना को चौकी चौराहा से पकड़कर क्राइम ब्रांच ने गुरुवार को ठगी के दो मामलों का खुलासा किया। हालांकि ठग के दो साथी भाग निकले। पुलिस ने भारतीय स्टेट बैंक के दो एटीएम, बैंक ऑफ बड़ौदा के तीन, पीएनबी, एक्सेस और यूनियन बैंक का एक-एक एटीएम बरामद किया है। आरोपी के पास से 9 हजार दो सौ रुपये, दो मोबाइल और एक कार टाटा इंडिगो भी बरामद की गई।
अलीगंज थाना के महोलिया निवासी आरोपी संजीव शर्मा पुत्र रामौतार शर्मा वर्तमान में थाना सुभाष नगर की शांति विहार कॉलोनी फौजी की टाल के पास रह रहा था। एसपी क्राइम रमेश भारतीय ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र में फौजी सामेंद्र पाल के बेटे से एटीएम कार्ड बीती नौ जुलाई को एटीएम कार्ड बदलकर 40 हजार रुपये निकाल लिए गए थे। फरीदपुर में चंद्रवती के बेटे वीरेंद्र कुमार से आठ अगस्त को एटीएम कार्ड बदलकर 2 लाख 58 हजार 678 निकाले गए थे। आरोपी के खिलाफ सिरौली, अलीगंज और कोतवाली में भी एटीएम ठगी के मामले दर्ज हो चुके हैं। एसपी क्राइम रमेश भारतीय की अगुवाई में क्राइम ब्रांच प्रभारी, कांस्टेबल रामेंद्र, मुवीन, अंकुल, अजेंद्र, रवि प्रताप ने ठग को ट्रेस करके गिरफ्तार किया।
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सीसीटीवी कैमरों में कैद हुआ था ठग
एटीएम कार्ड से ठगी के मामलों की तफ्तीश में क्राइम ब्रांच को एक कार टाटा इंडिगो की मौजूदगी की जानकारी मिली। कार को ट्रेस करने के साथ ही जहां ठगी हुई उन एटीएम मशीनों के सीसीटीवी कैमरों से क्राइम ब्रांच को शुरुआती सुराग मिले। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने संजीव को दबोच लिया।

कार से पहुंचता था एटीएम
संजीव अपने दो साथियों के साथ कार में एटीएम के पास पहुंचता था। महिला या किशोर के एटीएम के अंदर जाने पर उनकी मदद के बहाने एटीएम कार्ड बदल देता था। इस दौरान वह पिन भी जान लेता था। अगर कोई एटीएम कार्ड बदले जाने की बात जान जाता तो कह देता कि गलती से ऐसा हो गया और अगर दांव सही लग गया तो रुपये निकाल लेता था।
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पत्नी के इलाज के लिए सीखी ठगी
कोतवाली में संजीव ने बताया कि गर्भवती होने पर पत्नी को अस्पताल में भर्ती कराया था। उसे खून की जरूरत थी, लेकिन रुपयों की व्यवस्था नहीं होने पर वह मायूस होकर अस्पताल के बाहर बैठा था। इस दौरान उसे गौरव नाम का व्यक्ति मिला। गौरव ने ही पहली बार एमटीएम कार्ड बदलकर ठगी करके दिखाई। उसे रुपये दिए और ट्रिक सिखाई।

जेबकतरों से लेता था एटीएम कार्ड
एटीएम कार्ड बदलने के लिए आरोपी को कई कार्ड की जरूरत होती थी। इसके लिए संजीव कई जेबकतरों के संपर्क में रहता था जो उसे एटीएम कार्ड मुहैया करते थे।
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