बरेली। डेढ़ महीने में हुई एसिड अटैक की तीन घटनाओं में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। शुक्रवार देर रात बारादरी पुलिस ने फिर मनमोहन को हिरासत में ले लिया। हालांकि उसकी गिरफ्तारी नहीं दिखाई गई थी। बाकी मामलों में भी कार्रवाई लटकी हुई है। हालांकि एसएसपी के मुताबिक घटनाओं का कोई चश्मदीद न होने और अन्य तरह के साक्ष्य न मिलने की वजह से गिरफ्तारी नहीं की जा रही। सभी मामलों में पीड़िताओं के कपड़े फोरेंसिक लैब भेजे गए हैं। वहां से एसिड की पुष्टि होने पर गिरफ्तारी की जाएगी।
मनी नाम की महिला ने बारह दिन पहले बारादरी थाने में अपने पति मनमोहन के खिलाफ रिपोर्ट कराई थी। कहा था कि वाहन का इंतजार करते वक्त बीसलपुर रोड पर उसके पति मनमोहन ने उस पर तेजाब डाल दिया। मनमोहन के साथ बाइक पर उसका दोस्त भी था। दंपति में पहले से विवाद और मुकदमेबाजी चल रही थी। जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण के दौरान डॉक्टर ने एसिड अटैक की पुष्टि हुई थी। हालांकि विधिक तरीके से विवेचना की बात कहकर पुलिस ने पीड़ित के कपड़े लैब भेजे थे। तब से रुहेलखंड चौकी पुलिस कई बार मनमोहन से मिल चुकी थी। दरोगा पर साथ में नाश्ता करके उसे छोड़ने का आरोप लगा था और फोटो भी वायरल हुए थे। वहीं, देवरनिया में एसिड अटैक की शिकार महिला का सैन्यकर्मी पति भी अभी तक फरार है। इज्जतनगर क्षेत्र में एसिड अटैक की शिकार बताई जा रही पूजा कन्नौजिया ने अपने मामा व अन्य पर रिपोर्ट कराई थी। इनमें से भी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। हालांकि सीसीटीवी फुटेज व मेडिकल परीक्षण के लिहाज से यह घटना संदेह के दायरे में थी।