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नाले में गिरा डिप्टी कमिश्नर का बेटा, सिर में लगी चोट

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बरेली। मां के साथ बाजार गया वाणिज्यकर के डिप्टी कमिश्नर (प्रशासन) गौरीशंकर का बेटा सिविल लाइंस में ग्लोरी स्वीट्स के पास नाले में गिर गया। मां की चीखपुकार पर आसपास के दुकानदारों ने नाले में कूदकर उसे बाहर निकाला। डिप्टी कमिश्नर का आरोप है कि ग्लोरी स्वीट्स वालों ने नाले को पन्नी में डालकर ढक दिया था, जिसके धोखे में उनका बेटा नाले में गिर गया। उनका आरोप है कि जब वह शिकायत लेकर ग्लोरी स्वीट्स पर गए तो दुकानदार ने अभद्रता की। उन्होंने घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दे दी है।
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मूलरूप से एटा निवासी गौरीशंकर वाणिज्यकर में डिप्टी कमिश्नर (प्रशासन) के पद पर तैनात हैं। वह परिवार के साथ मुख्य डाकघर स्थित कार्यालय के पास ही बने आवास में रहते हैं। सोमवार अपराह्न करीब साढ़े चार बजे उनकी पत्नी किरन, बेटी श्रेया और पांच वर्षीय बेटे दिव्यांश के साथ सिविल लाइंस में ग्लोरी स्वीट्स के पास स्थित गुलशन टेलर की दुकान पर गईं थीं। दुकान के सामने नाले का एक हिस्सा खुला था, जिस पर बड़ी सी पन्नी डालकर चारों से ओर ईंटों से दबा दिया गया था। सेंट ज्यूस स्कूल में नर्सरी में पढ़ने वाला मासूम दिव्यांश समझ नहीं पाया। वह पन्नी पर चढ़ा तो सिर के बल नाले में जा गिरा और गोते खाने लगा। मां किरन और बहन श्रेया ने देखा तो मदद के लिए चीखपुकार करने लगे। इस पर गुलशन टेलर से अफसर अली और आरिफ नाले में कूद पड़े और लोगों की मदद से दिव्यांश को बाहर निकाल लिया। दिव्यांश के सिर से खून निकलते देख सभी उसे लेकर मिशन अस्पताल दौड़े। वहां उपचार के बाद परिवार वाले दिव्यांश को घर ले गए। घटना की सूचना पर डिप्टी कमिश्नर गौरीशंकर और उनके साथी अधिकारी मौके पर पहुंचे। डिप्टी कमिश्नर का आरोप है कि नाले को ग्लोरी स्वीट्स वालों ने ढका था, लेकिन नाराजगी जताने पर गलती मानने के बजाय उनके साथ अभद्रता की गई।

पहले भी गिरे दो बच्चे और एक महिला
आसपास के लोगों ने बताया कि यह खुला नाला हादसों का सबब बन गया है। गुलशन टेलर्स के अफसर अली और हिमालय फर्नीचर के महताब खां ने बताया कि एक महिला और दो अन्य बच्चे भी नाले में गिरकर चोटिल हो चुके हैं।
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कोतवाली में शिकायत
डिप्टी कमिश्नर गौरीशंकर ने बताया कि घटना के लिए ग्लोरी स्वीट्स के मालिक ही जिम्मेदार हैं क्योंकि उन लोगों ने नाले को ढककर भ्रम पैदा कर दिया। इस वजह से उनका बेटा नाले में गिरा। उन्होंने कोतवाली पुलिस से शिकायत कर तहरीर दे दी है।

पतला सा रास्ता, वहां भी खड़ी कार
जहां घटना हुई, वह तंग रास्ता है फिर भी वहां पर कार खड़ी थी। इस वजह से निकलने का रास्ता काफी पतला हो गया था। साथ ही नाले पर पन्नी ढकी होने से भ्रम पैदा हुआ और हादसा हो गया।

नाले को लेकर पहले भी हुआ है विवाद
सिविल लाइंस स्थित नाले को लेकर पहले भी विवाद हुआ है। बरसात में सफाई के दौरान यहां नाले की दीवार टूट गई थी, जिसके चलते नाले का गंदा पानी एक दुकान के बेसमेंट में भर गया था और काफी सामान खराब हुआ था।

ग्लोरी स्वीट्स वालों ने नाले को पन्नी से ढक दिया, जिसके चलते मेरा बेटा उसमें गिरकर चोटिल हो गया। उसकी जान बाल-बाल बची। मैं शिकायत लेकर दुकान पर गया तो मेरे साथ अभद्रता की। इसकी रिपोर्ट लिखाने के लिए तहरीर दे दी है। - गौरीशंकर, डिप्टी कमिश्नर (प्रशासन) वाणिज्यकर

जहां घटना हुई, वह जगह मेरी दुकान से काफी दूर है। मेरा उससे कोई लेना-देना नहीं है। मैं भला क्यों उसे ढकने जाऊंगा। वह तो हिमालय फर्नीचर वालों के पास बना है। ऊपर उनका टॉयलेट है, इसलिए उन्होंने ही ढक रखा है। - रोहित खंडेलवाल, ग्लोरी स्वीट्स

मैं नाले को क्यों बंद करूंगा। आसपास के दुकानदार भी बता देंगे कि इसे ग्लोरी स्वीट्स वालों ने बंद किया है। पहले भी लोग यहां गिरकर घायल हुए हैं। हम लोगों ने विरोध किया तो उन्होंने दुर्गंध आने की बात कहकर पुलिस बुला ली। - महताब अहमद खां, हिमालय फर्नीचर
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