शाहजहांपुर/ फरीदपुर। मीरानपुर कटरा में 21 फरवरी को हुई दो युवकों की हत्या की घटना दो थानों के बीच उलझ गई है। युवकों के लापता होने पर गुमशुदगी फरीदपुर थाने में दर्ज कराई गई थी, घटना का खुलासा होने पर पता चला कि दोनों को मीरानपुर कटरा स्थित एक मकान में मारा गया। फरीदपुर पुलिस ने हत्यारोपी पिता-पुत्र को जेल भेजने के बाद चुप्पी साध ली है। परिजन इस खुलासे से संतुष्ट नहीं हैं। वे घटना में दो से अधिक लोगों का हाथ होने की बात कहकर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं।
आंवला के थाना सिरौली के गांव पल्था निवासी भूपेंद्र और उसके ममेरे भाई फरीदपुर के गांव कीरतपुर धीमरी निवासी धीरेंद्र मीरापुर कटरा में 21 फरवरी को एक युवती के बुलावे पर उससे मिलने मीरानपुर कटरा आए थे। यहां युवती के पिता और भाई ने दोनों को घर में बेटी के कमरे में पकड़ लिया और गुस्से में आकर उनकी हत्या कर दी थी। घटना का खुलासा होने पर हत्यारोपी पिता-पुत्र ने जो कहानी सुनाई वह दोनों युवकों के परिजनों के गले नहीं उतर रही है, जबकि पुलिस घटना का पटाक्षेप करते हुए दोनों हत्यारोपियों को जेल भेज अपना काम पूरा करने की बात कह रही है। परिजनों का कहना है कि दो युवकों को दो लोग नहीं मार सकते। घटना को अंजाम देने में दो से अधिक संख्या हत्यारों की रही होगी। दोनों युवकों के परिजनों को पुलिस अब विवेचना कटरा थाने में ट्रांसफर करने की बात कहकर दिलासा दे रही है, वहीं कटरा पुलिस का कहना है कि उसे विवेचना नहीं मिली। फरीदपुर में बुधवार को धीरेंद्र के दसवां में ग्रामीणों ने कहा कि अन्य आरोपियों को पुलिस ने तीन दिन के अंदर गिरफ्तार नहीं किया तो आंदोलन किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो आईजी, डीआईजी दफ्तर के साथ विधानसभा का घेराव भी किया जाएगा।
अभी विवेचना कटरा थाने को नहीं मिली है, फरीदपुर में रिपोर्ट दर्ज थी। वहीं की पुलिस विवेचना कर रही है। यहां विवेचना ट्रांसफर होगी तो यहां की पुलिस विवेचना करेगी।
डॉ. एस चन्नप्पा, एसपी