बरेली। सुभाष नगर थाने में सप्ताह भर पहले ननद-भाभी ने एक-दूसरे के पति व भाई के खिलाफ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शुरू में ही संदिग्ध लग रहे मामले में अब तक महिलाओं ने मेडिकल परीक्षण नहीं कराया है। पुलिस को बयान दर्ज कराने भी नहीं पहुंच रही हैं। चर्चा है कि समझौते की कवायद चल रही है पर पुलिस अब कार्रवाई के मूड में है।
दंपति में चल रहे दहेज उत्पीड़न के पुराने विवाद में 26 जनवरी को सुभाष नगर पुलिस को नई शिकायत मिली थी कि पति बीमार बच्चे का इलाज नहीं करा रहा है। पत्नी अपने भाई के साथ बच्चे को लेकर मायके जाना चाहती थी पर पति न तो बच्चा दे रहा था और न ही इलाज करा रहा था। तब पुलिस के हस्तक्षेप पर महिला बच्चे को लेकर मायके चली गई थी। दो फरवरी को महिला की ओर से तहरीर दी गई थी कि उसके नंदोई ने इलाज के नाम पर उसके साथ सप्ताह भर पहले दुष्कर्म किया। मायके में मां ने उसे उदास देखकर पूछा तो उसने यह बात बताई, अब वह कार्रवाई चाहती है। इस बीच महिला की ननद की ओर से तहरीर आई कि भाभी के बच्चे को देखने गई थी। तभी उनके भाई ने अपने दोस्तों के साथ उससे दुष्कर्म किया। पुलिस ने दोनों मामलों में रिपोर्ट लिख ली थी। इंस्पेक्टर हरीश चंद्र जोशी ने विवेचक एसएसआई बच्चू सिंह को निर्देश दिए कि दोनों मामलों में चार्जशीट की कार्रवाई करें। चर्चा है कि मामला झूठा था। जब दोनों ओर के पुरुषों के जेल जाने की नौबत आई तो वे सलाह करके थाने पहुंच गए। अब नेताओं से भी केस खत्म करने की सिफारिश कराई जा रही है।
महिला पुलिस टीम लगातार पीड़ितों से संपर्क कर मेडिकल परीक्षण के लिए बुला रही है। वे बयान देने तक नहीं आ रही हैं। तब दोनों ने जिद करके रिपोर्ट दर्ज कराई थी। ऐसे मामला खारिज नहीं किया जा सकता। - बच्चू सिंह, एसएसआई