मलेशिया में कराटे प्रतियोगिता में प्रतिभाग कराने के नाम पर एक खिलाड़ी के पिता ने ठगी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि प्रतियोगिता के लिए पचास हजार रुपये दिए थे। बेटे को मलेशिया लेकर गए और वहां किट का बहाना बनाकर प्रतियोगिता में शामिल नहीं कराया। मलेशिया घुमाकर भारत ले आए।
मलेशिया में आयोजित होने वाली 19वीं इंटरनेशनल माइलो कराटे चैंपियनशिप-2018 में प्रतिभाग कराने के लिए बरेली से कुछ खिलाड़ियों को आल इंडिया वाडो काई कराटे डू एसोसिएशन के निदेशक उदय वीर सिंह लेकर गए थे। इसमें एक खिलाड़ी अर्जुन राम भी था। पिता राजेश का कहना है कि उदयवीर ने उनसे पचास हजार रुपये लिए और कहा कि बेटे को इंटरनेशनल कराटे प्रतियोगिता में प्रतिभाग कराएं। पहले बताया कि प्रतियोगिता नवंबर में होगी, फिर बताया कि जनवरी में प्रतियोगिता होगी। जून में प्रतियोगिता बताकर बेटे को मलेशिया लेकर गए। उन्होंने बताया कि उनका बेटा नैनीताल में हुई कराटे प्रतियोगिता में हिस्सा लेने गया था। वहीं उदयवीर ने उसे इंटरनेशनल लेवल पर खिलाने को कहा था। 29 जून को वह खिलाड़ियों को लेकर मलेशिया गया। उनके बेटे के पास किट नहीं थी तो कह दिया कि दिल्ली में किट दिलवा देंगे। जब वह मलेशिया पहुंचे तो किट न होने का बहाना बताकर उसे प्रतियोगिता में शामिल नहीं कराया। पिता का आरोप है उनके साथ ठगी हुई है। जब उन्होंने अपने पैसे मांगे तो उनको कह दिया कि पैसे रहने और खाने में खर्च हो गए। पिता राजेश का यहां तक आरोप है कि उनके बेटो मोबाइल छीन लिया ताकि वह उनसे बात भी न कर पाए। वहीं उदयवीर सिंह का कहना है कि खिलाड़ी के पास किट नहीं थी। उसके चोट लग जाती। इसलिए उसे नहीं खिलाया। बाकी खिलाड़ी प्रतियोगिता में खेले। किट के लिए उन्होंने पहले ही खिलाड़ियों को बता दिया था।