भाई और सास की हत्या अपनी आंखों के सामने होते देखकर गीता देवी ने आरोपी पति को सजा दिलाने के लिए मातृत्व को इंसाफ की बेदी पर न्यौछावर कर दिया। हत्या के वक्त महज ढाई साल के बेटे सोनू को मजबूरन पति के घर छोड़ना पड़ा, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी। भाई के हत्यारे को सजा दिलाने के लिए कोर्ट में संघर्ष करती रही। बुधवार को कोर्ट से आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद गीता देवी ने अपने नवाबगंज स्थित घर पर बातचीत के दौरान बताया कि परिवार को आपत्ति नहीं होगी तो वह कलेजे के टुकड़े को अपने साथ रखना चाहेंगी।
गीता ने बताया कि 25 मई 2001 में उसकी शादी पुरुषोत्तम से हुई थी। उनका एक बेटा समय सिंह उर्फ सोनू है। वारदात के दिन उसे जान बचाकर भागना पड़ा था। बेटा सोनू पति के घर छूट गया था। पति की गिरफ्तारी के बाद उसने बेटे को मायके लाना चाहा, लेकिन पारिवारिक दबाव में बेटा उनके पास नहीं आ सका। वह कई बार पेशी पर अपने बेटे को एक झलक देखने के लिए तरसती रहती थी।
मेरा तो घर उजड़ गया
आंखों के सामने भाई की हत्या हो गई। पति के हाथों में रायफल थी। उसे भी भागना पड़ा, डर था कि पति कहीं गुस्से में उसे भी गोली न मार दे। वह महीनों तक दहशत से उबर नहीं सकी। परिवार ने उन्हें सहारा दिया, अब निजी स्कूल में बतौर शिक्षिका नौकरी करके आजीविका कमा रही है। पति को सजा होने के बाद नम आंखों से बताया कि उनका परिवार उजड़ गया।
मुकेश की बेटी की परवरिश का उठाया बीड़ा
हत्या से डेढ़ साल पहले ही मुकेश की शादी हुई थी। मुकेश की हत्या के बाद उनकी पत्नी मासूम बेटी सविता को छोड़कर मायके चली गई। अब सविता की परवरिश का बीड़ा गीता ने उठा रखा है। सविता कक्षा छह में पढ़ रही है।
किंग के खिलाफ नवाबगंज में हत्या का मामला
कोर्ट ने भले ही किंग देव को बरी कर दिया हो, लेकिन उसके खिलाफ नवाबगंज में पीलीभीत निवासी योगेश गंगवार की हत्या का मामला न्यायालय में चल रहा है। जानकारी के मुताबिक, मौजूदा समय में वह जेल में निरुद्ध है।
पुरुषोत्तम का परिवार जाएगा उच्च न्यायालय
फैसला आने के बाद भुता के दौलतपुर में पुरुषोत्तम के घर पर अमर उजाला टीम पहुंची तो पता चला कि डेढ़ साल पहले वकील ने रूपा देवी से दूसरी शादी कर ली थी। रूपा रोते हुए बोली कि यह इंसाफ नहीं हुआ है। इस फैसले के खिलाफ वह उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगी। मामले में दूसरे आरोपी रहे भगवानदास की 15 अगस्त 2014 को मौत हो चुकी है।
सुप्रीम कोर्ट तक लड़ूूंगा मैं
मुकेश के पिता बाबूराम गंगवार का कहना है कि अगर पुरुषोत्तम का परिवार उच्च न्यायालय जाता है तो वह सुप्रीम कोर्ट तक केस लड़ेंगे, लेकिन मुकेश के हत्यारे को सजा दिलाकर रहेंगे।