बरेली। सोमवार रात फरीदपुर और मीरगंज क्षेत्र में हुए घटनाक्रम से गो तस्करी के मामले खुद ब खुद खुल रहे हैं। सूत्रों की माने तो रामपुर रोड समेत दूसरे हाईवे पर रात भर पशुओं भरे वाहन फर्राटा भरते हैं, लेकिन पुलिस जानबूझकर इन पर कार्रवाई नहीं करती।
बीते वर्ष 27 सितंबर को पशु तस्करों ने फतेहगंज पश्चिमी टोल प्लाजा के पास सीबीगंज थाने में तैनात सिपाही संजीव कुमार की कुचलकर हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद डीआईजी और एसएसपी के निर्देश पर पुलिस ने पशु तस्करों पर बड़ी कार्रवाई की थी। एसपी देहात संसार सिंह ने तो मुनादी पिटवाने का अभियान चलवाया था। गांवों में पशु तस्करों को चिह्नित करके पुलिस ने उनके दरवाजों पर ढोल बजवाकर परिवार को उनकी हरकतों के बारे में बताया था। फरार गो तस्करों को थाने या कोर्ट में हाजिर कराने की सलाह परिजनों को दी गई थी। ये भी बताया गया था कि इनके न मिलने पर घर की कुर्की की जाएगी। पड़ोसियों को सलाह दी गई कि ऐसे लोगों की मदद करने वालों पर भी कार्रवाई होगी। इसका नतीजा बेहतर निकला और कई तस्कर गिरफ्तार हुए, लेकिन कुछ समय बाद ही कार्रवाई ठंडी पड़ती चली गई, जिसका नतीजा यह हुआ कि पशु तस्करी की घटनाएं फिर तेजी से बढ़ने लगी।
पांच महीने में 671 पशु तस्कर पकड़े
- एसएसपी के अभियान में पिछले साल के अंतिम पांच महीनों में जिले में 671 पशु तस्कर गिरफ्तार किए गए थे। कुल 260 मामले दर्ज हुए थे, इनमें 230 मामलों में चार्जशीट लगी तो तीन में एफआर लगाई गई। जिले में बीस पशु तस्करों पर गुंडा एक्ट और 28 पर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई।
पशुओं को कंटेनर जैसे बंद वाहनों में नशा देकर ले जाया जाता है। इस वजह से पुलिस को पता नहीं चल पाता। अक्सर सटीक मुखबिरी पर ही कार्रवाई हो पाती है। पुलिस को हाईवे पर चेकिंग के दौरान और चौकस रहने के निर्देश दिए हैं। पशु तस्करी पर हर हाल में रोक लगाई जाएगी। - संसार सिंह, एसपी देहात