बरेली। नाली की सफाई कराने की वजह से हुए विवाद के बाद सेना के जवान के घर पर पथराव और तोड़फोड़ करने के मामले में पार्षद अवनेश समेत छह नामजद लोगों के साथ 25 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। सैन्यकर्मी के परिवार की महिलाओं ने हमलावरों पर छेड़खानी का भी आरोप लगाया है। बुधवार को सैन्य अफसर भी सैन्यकर्मी के घर पहुंचे और घर में तोड़फोड़ का जायजा लेने के साथ वीडियो भी बनाया। उधर, मंगलवार को गिरफ्तार किए गए सैन्यकर्मी और उसके परिवार के दो अन्य लोगों को अदालत ने जमानत पर रिहा कर दिया।
सैन्यकर्मी की मां की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि मंगलवार सुबह पार्षद अवनेश ने सफाई कर्मियों से सफाई कराकर नाली का कीचड़ उनके दरवाजे पर रखवाकर घर का रास्ता बंद करा दिया। उन्होंने विरोध किया तो पार्षद अवनेश, भाई तेजेंद्र, पिता ओमकार, मां और समेत करीब 25 लोग उनके घर में घुस गए और मारपीट तोड़फोड़ शुरू कर दी। बेटे-बहू पर धारदार हथियार से हमला किया। उनकी कार तोड़ दी। बदनियती से उनका और बहू का हाथ पकड़कर ले जाने लगे। बमुश्किल घर में छिपकर उन्होंने जान बचाई। उधर, पार्षद की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के बाद दबाव में आई इज्जतनगर पुलिस ने आनन-फानन में सैन्यकर्मी और उनके परिवार के दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। बुधवार को एसीजेएम फिफ्थ तीनों को अंतरिम जमानत दे दी। नियमित जमानत के लिए दो मार्च को सुनवाई होगी।
छानबीन करने पहुंचे सैन्य अफसर, घर में तोड़फोड़ की वीडियो बनवाई
सैनिक के परिवार पर हमले की सूचना पर बुधवार को सेना के कुछ अधिकारी और जवान भी संजयनगर पहुंचे। उन्होंने सैन्यकर्मी के दरवाजे पर सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों से पूछताछ की। उन्होंने घर के अंदर महिलाओं से जानकारी लेने के बाद वहां हुई तोड़फोड़ के साथ सामने पार्षद के घर की भी वीडियो बनाई। फिर थाने जाकर इंस्पेक्टर से कार्रवाई की जानकारी ली। बताया कि वह इसकी रिपोर्ट जालंधर यूनिट भेजेंगे जहां सैन्यकर्मी की तैनाती है। उधर, सैन्यकर्मी के घर पर पथराव और तोड़फोड़ का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर बुधवार को भाजपा की खासी खिंचाई भी हुई। सवाल किया जा रहा है कि सैनिकों के सम्मान का दावा करने वाली पार्टी के लोग यह क्या कर रहे हैं। इस पर तमाम कमेंट भी आ रहे हैं।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने भी माना- सैन्यकर्मी के परिवार पर हमला गलत
सैनिक के बहनोई आरएस राठौर कुछ परिजन के साथ बुधवार सुबह भाजपा जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राठौर से मिले और उनसे उनकी भी रिपोर्ट कराने को मदद मांगी। जिलाध्यक्ष ने पार्टी से जुड़ा मामला बताते हुए सीधे हस्तक्षेप से इंकार किया। हालांकि यह भी कहा कि वे लोग अफसरों से मिलें, उनकी सुनवाई जरूर होगी। अमर उजाला से बातचीत में जिलाध्यक्ष ने स्वीकार किया कि वीडियो में पार्षद समर्थक जिस तरह उग्र होकर सैनिक के घर पथराव कर रहे हैं, वह गलत है। सैनिक परिवार की कितनी भी गलती हो पर ये नौबत नहीं आनी चाहिए थी।