फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

‘देवर से संतान उत्पत्ति का दबाव बनाता है पति’

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। महिला आयोग की सदस्य रश्मि जायसवाल की जनसुनवाई में पहुंची महिला ने आरोप लगाए कि पति देवर से संतान उत्पत्ति का दबाव बनाता है। वहीं, पति का कहना था कि पत्नी बंटवारे के लिए ऐसे आरोप लगा रही है। दोनों पक्षों की बात सुनने बाद रश्मि जायसवाल ने कहा कि वह पत्नी के रहने के लिए अलग कमरा बनवाए और साथ रखे। फिर मामला रफा-दफा हो गया। उनकी सुनवाई में कुल 16 केस पहुंचे। इस दौरान तीन विवेचकों को भी तलब किया गया।
विज्ञापन

जनसुनवाई में कटरा चांद खां की उन्नति गुप्ता ने कहा, महिला आयोग के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज हुई। अब महिला थाने की विवेचक प्रीति पवार समझौते का दबाव बना रही हैं। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई और विवेचक को तलब किया, लेकिन वह छुट्टी पर थीं। नेकपुर की प्रीती और उनके पिता ससुराल वालों का उत्पीड़न बताकर फूटकर रो पड़े। इस मामले में उन्होंने समाधान कराने के निर्देश दिए। इस दौरान डीपीओ नीता अहिरवार, आशा ज्योति केंद्र से सविता सिंह आदि मौजूद रहीं। वहीं, शाम को उन्होंने आशा ज्योति केंद्र का निरीक्षण किया और फिर डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह से मुलाकात की

चिटफंड वालों ने तो मुझे भी ठगा
सनसाइन इंक्लेव निवासी ज्योतिबाला चिटफंड कंपनी के खिलाफ ठगी की शिकायत लेकर पहुंचीं। बारादरी थाने से पहुंचे विवेचक ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज है। मगर महिला रुपये वापस दिलाने की जिद पर अड़ी थी। इस पर रश्मि जायसवाल ने कहा कि रुपये मिलना तो मुश्किल हैं। चिटफंड वाले उन्हें भी चूना लगा चुके हैं। भाजपा के आईटी विभाग बहेड़ी के कार्यकर्ता वीरपाल गंगवार पत्नी रजनी को लेकर गैस एजेंसी संचालक की शिकायत लेकर पहुंचे। उज्ज्वला योजना में ठगी की शिकायत और पत्नी से अभद्रता के आरोप लगाते हुए वीरपाल ने प्रदेश संगठन मंत्री सुनील बंसल और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नाम लिया तो उन्होंने नाराजगी जताई।
विज्ञापन


मां-बाप का दखल नहीं पति-पत्नी साथ रहेंगे
मां के साथ पहुंची चौपुला निवासी युवती ने आरोप लगाया कि पति ने झूठ बोलकर शादी की और ससुर दुष्कर्म करना चाहता है। सबूत के तौर पर अभद्र भाषा वाले कुछ ऑडियो पेश किए और मां-बेटी रोने लगीं। गुस्साई आयोग की सदस्य ने पुलिस भेजकर उसकी सास एवं पति को बुलवा लिया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए। लंबी बहस के बाद पति-पत्नी साथ रहने को तैयार हुए तो आयोग की सदस्य ने उन्हें अलग रहने की हिदायत दी और मां-बाप को उनकी जिंदगी में दखल न देने को कहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें