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वक्त रहते हुई धरपकड़ वरना थी खूनखराबे की तैयारी

Tue, 14 Aug 2018 12:57 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
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राजस्व ग्राम उदयपुर-जसरथपुर के मजरा काशी से जब रविवार को धर्मपुर गांव के कांवड़िया गंगाजल लाने के लिए कछला जाने को निकले थे, तभी विवाद की शुरुआत हो गई थी। मगर उस वक्त बिथरी पुलिस ने लोगों को समझाकर कांवड़ियों को निकलवा दिया था। सोमवार को जब जत्था गंगाजल लेकर गयकटा मजरा के पास पहुंचा तो माहौल बिगड़ना शुरू हो गया। नतीजतन पुलिस ने कांवड़ियों का जत्था रोक दिया और दूसरे रास्ते से जाने को कहा। मगर कांवड़िये जिस रास्ते से आए थे उसी रास्ते से लौटने की जिद पर अड़ गए। इससे माहौल गर्मा गया। एक ओर मुस्लिम आबादी वाले गांव काशी के लोग लाठी-डंडे लेकर सड़क पर आ गए तो दूसरी ओर धर्मपुर के कांवड़िया और उनके समर्थन में आसपास के गांवों की भीड़ जमा हो गई। हजारों की भीड़ खेतों में खड़ी देख पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। इसके बाद अफसरों ने पीएसी के साथ ही कई थानों की पुलिस बुला ली। अफसर कई बार काशी गांव में गए, मगर वहां के कांवड़ियों को निकलने देने के लिए तैयार नहीं थे। दोनों समुदाय के लोग अपनी जिद पर अड़े थे और अफसर तनाव में थे।
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सांसद, विधायक की नहीं सुनी तो वे भी जिद पर अड़ गए
सांसद धर्मेंद्र कश्यप और विधायक पप्पू भरतौल ने अलग-अलग काशी गांव में जाकर लोगों को समझाने का प्रयास किया। मगर कोई उनकी बात मानने को तैयार नहीं हुआ। इसके बाद वे भी कांवड़ियों के बीच आकर खड़े हो गए और अफसरों से कहा कि कांवड़ियों को निकलवाओ। सासंद और विधायक ने भी अधिकारियों से साफ कह दिया कि कांवड़िया जिस रास्ते से आए हैं, उसी से वापस जाएंगे। अफसरों ने आनाकानी की तो सांसद और विधायक ने अफसरों से कहा कि आप लोग जाओ, हम खुद कांवड़ियों को निकाल लेंगे।

सख्ती पर मची भगदड़, तलाशी में
मिले धारदार हथियार, डंडे और पत्थर
जनप्रतिनिधियों की नाराजगी और पूरे दिन ड्रामा देखने के बाद शाम करीब पांच बजे पुलिस ने सख्ती शुरू की। लाठी लेकर जब पुलिस-पीएसी दौड़ी तो काशी की भीड़ ने गांव में सड़क किनारे बने मकानों की छतों पर ईंट-पत्थर लेकर कब्जा जमा लिया। इसके बाद पुलिस ने सड़क किनारे के घर खाली कराए। वहां तलाशी में कई धारदार हथियार, डंडे और ईंट-पत्थर मिले। कुछ घरों में बड़ी तादात में भीड़ भी जमा मिली। यह देख अफसरों को लगा कि यहां बवाल की पूरी तैयारी है, तब सड़क किनारे के घरों में बाहर से कुंडी लगाकर फोर्स तैनात कर दी गई। कुछ फोर्स छतों पर भी लगा दी गई। शाम करीब छह बजे संगीनों के साए में कांवड़ियों को वहां से गुजारा गया।
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पुलिस की सख्ती पर अमन कमेटी का मरहम
काशी के लोगों को समझाकर विवाद शांत कराने में अमन कमेटी के लोगों ने भी अहम भूमिका निभाई। पुलिस लोगों पर सख्ती कर रही थी तो कमेटी के कदीर अहमद, पड़ोसी गांव के शकील, बुद्धा खां आदि लोगों को भाईचारे का पाठ पढ़ा रहे थे। हालांकि इसी बीच कुछ लोग इसका विरोध करते हुए शकील के घर भी पहुंच गए और उनके परिवार वालों को धमकाया।

सामने आई बिथरी पुलिस की लापरवाही
काशी से धर्मपुर के कांवड़िया निकालने के दौरान रविवार को ही माहौल तनावपूर्ण हो गया था। इसके बावजूद बिथरी थाना पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और न ही कोई अतिरिक्त इंतजाम किए। यही वजह रही कि कुछ लोगों ने सोमवार को कांवड़ियों की वापसी के दौरान बवाल करने का पूरा इंतजाम कर लिया। अगर थाना पुलिस माहौल को भांपकर यहां के लोगों के संपर्क में रहती तो सोमवार को विवाद की नौबत नहीं आती।

वर्जन
रास्ते को लेकर विवाद था। जनप्रतिनिधियों और अमन कमेटी के सहयोग तथा पुलिस के तालमेल से विवाद सुलझा लिया गया है। कांवड़ियों को शांतिपूर्वक वहां से निकाल दिया गया। - डीके ठाकुर, आईजी
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