फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बढ़ेपुरा बवाल में 100 नामजद और 300 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

Wed, 04 Oct 2017 02:20 AM IST
बरेली।
विज्ञापन
माौके पर तेनात पु‌िललिस
विज्ञापन

विज्ञापन
गांव बढ़पुरा में हुए बवाल के बाद तीन एफआईआर दर्ज की गईं हैं। इनमें 100 से ज्यादा लोग नामजद किए गए हैं। साथ ही 300 से ज्यादा अज्ञात दिखाए गए हैं। पुलिस की ओर से दर्ज की गई रिपोर्ट में 28 नामजद और 100 अज्ञात लोग शामिल हैं, जबकि ताजियेदारों ने 24 लोगों को नामजद करते हुए 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। हिंदू पक्ष की ओर से भी 50 नामजद और 50 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। हालांकि अभी पुलिस ने किसी को गिरफ्तार नहीं किया है।
एसएसआई सुुनील कुमार की ओर से ग्राम प्रधान उदरनपुर सर्वेश, अंशुल, गिरीश, नीलपाल, ओमक ार, कल्लू, यूनिस, पप्पू, दौलतशाह, अमीर शाह, शाहिद अल्वी, साबिर शाह, जीशान समेत 28 नामजद और 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट, पथराव, जानलेवा हमला, सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत कई गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि एसएसआई मोहर्रम का ताजिया निकलवा रहे थे। इस दौरान हिंदू समुदाय के लोग नई परंपरा डालने का विरोध करने लगे। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे उत्तेजित हो गए और पथराव तथा फायरिंग शुरू कर दी। इससे पुलिस कर्मियों की जान पर बन आई। 
विज्ञापन

उधर, गांव उदरनपुर के अफसर अली की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा गया है कि वह निर्धारित रूट से परंपरागत तरीके से बढे़पुरा होते हुए ताजिये निकाल रहे थे। इस दौरान गांव के लोगों ने पहले पत्थर फेंके फिर प्रधान के बेटे चंद्रसेन, अंशु गंगवार, परमेश्वरी, बलवीर, तुलाराम, संजीव, कालीचरन, बेचेलाल, आवेंद्र, नेमचंद्र, डायर सिंह, विजय, छोटे, रवि, गिरीश, मुन्ना, रामकुमार, राहुल, हरीश, दीपचंद्र, रामगोपाल, दिनेश, नन्हे समेत करीब 150 लोगों ने ग्राम प्रधान सर्वेश के कहने पर मारपीट और फायरिंग की। घटना के बाद से 13 लोग गायब हैं।
इधर, विश्व हिंदू परिषद के अंशु गंगवार की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया है कि मुस्लिम समुदाय के लोग नई परंपरा की शुरुआत कर रहे थे। इसका गांव के बहुसंख्यक वर्ग ने विरोध किया। इस पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने फायरिंग और पथराव कर दिया। इससे अफरातफरी मच गई। मुस्लिम समुदाय के लोग घरों में घुस गए और महिलाओं से अश्लील हरकतें कीं। साथ ही देश विरोधी नारे लगाए। तहरीर में यह भी आरोप है कि ताजिये में शामिल लोगों के हाथ में पाकिस्तानी झंडा भी था। आरोपियों ने प्रतिमाएं भी तोड़ दीं। तहरीर पर गांव उदरनपुर के उस्मान अली, मेहराब अली, अफसर अली, ताहिर अली, उस्मान शाह, नूरो आलाम, फारूख, इशान अली, इमाम शाह, दिलवर, रुस्तम, सलीम, दलीम, रहमत, सहीम समेत 10 अन्य, और ढकिया के सहादत अली के यूनुस, मोहम्मद अफजाल, शमसुल, भोले, यूसुफ, आशिक, सलमान समेत 20 अज्ञात तथा गांव बढे़पुरा के मुन्ने हाजी, शहाबुद्दीन, मकबूल, आमिर, सोनू, अजमेरी, मझले, सोबीन, इरशाद, जाबिर, कल्लू, इदरीश, फारूख, बुंदन, अजूब खां, सैजूब खां, रियासत अली और पीर खां समेत 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। 
 
गांव में पुलिस, पीएसी तैनात
गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस के साथ ही पीएसी भी तैनात कर दी गई है। साथ ही ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। घायलों को उपचार के लिए नवाबगंज भेजा गया है। पुलिस ने ताजिया उठवाकर इमामबाड़े में पहुंचा दिया है।
विज्ञापन


यह था मामला
सोमवार शाम गांव उदरनपुर के ताजिये गांव बढे़पुरा होते हुए हरहरपुर करबला जा रहे थे। बढे़पुरा पहुंचने पर दूसरे समुदाय के लोगों ने बैंड और एक की जगह तीन ताजिया ले जाने का विरोध किया। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने बिना बैंड ताजिये निकलवाने शुरू किए, लेकिन जुलूस कुछ ही आगे बढ़ा था कि फिर विवाद हो गया। देखते ही देखते फायरिंग और पथराव होने लगा। इसमें करीब चालीस लोग घायल हो गए थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें