पीलीभीत के दियोरिया कला के गांव रंभोजा में साइकिल मिस्त्री बालकराम कश्यप (45) का शव बुधवार सुबह फंदे से लटका मिला। बेटे निहाल (11) और बेटी शालिनी (15) के शव चारपाई पर पड़े मिले। पोस्टमॉर्टम से पता चला कि दोनों बच्चों को गला दबाकर मारा गया। पुलिस का मानना है कि गृह कलह और अंधविश्वास में पिता ने दोनों बच्चों की हत्या कर जान दे दी।
बालकराम की गांव के नजदीक ही साइकिल मरम्मत की दुकान है। चार बच्चों में से सबसे बड़ा बेटा शिवम दो दिन पहले पत्नी के साथ गांव गझाड़ा में रिश्तेदारी में चला गया था। मंगलवार दोपहर बालकराम से विवाद के बाद उनकी पत्नी राजेश्वरी भी भतीजे के जन्मदिन पर मायके चली गई थीं। बेटी शालिनी और बेटे निहाल के अलावा एक अन्य पुत्र प्रभात (13) के साथ रात आठ बजे बालकराम ने खाना खाया। इसके बाद सभी सो गए। कुछ देर बाद प्रभात को बालकराम ने दूसरे कमरे में भेज दिया।
बकौल प्रभात, सुबह साढ़े छह बजे वह उठा तो पिता चारपाई पर नहीं थे। दूसरी चारपाई पर पड़े शालिनी और निहाल को उठाने का प्रयास किया पर कोई हलचल नहीं हुई। पिता को दूसरे कमरे में फंदे से लटका पाया। पोस्टमॉर्टम से पहले चर्चा थी कि बच्चों को जहर देकर मारा गया। पुलिस को बालकराम के पास से मिले चार पन्नों के एक पत्र में उनके अंधविश्वास में डूबे होने की बात पता चलती है।