लुधौरी गांव में एक युवक को पुलिस ने बेरहमी से पीटा। युवक के समर्थन में लोगों ने प्रदर्शन किया तो एसपी संजीव सुमन ने तीनों सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया।
लुधौरी निवासी अटल दीक्षित ने बताया कि उसने सात वर्ष पहले गांव की नेहा के साथ प्रेम विवाह किया था। किसी बात को लेकर 12 अगस्त को आपस में विवाद हो गया था। पत्नी की शिकायत के बाद 14 अगस्त की शाम करीब साढ़े चार बजे पुलिस उसे पकड़कर थाने ले आई। आरोप है कि थाने में उसे बेरहमी से पीटा गया। जिससे हाथ और कमर के नीचे हिस्से में गंभीर चोटें आई। पुलिस ने मेडिकल के दौरान उसे धमकाया और डॉक्टर से कुछ भी बताने से मना किया। जमानत होने के बाद उसने लोगों को अपनी चोटें दिखाई। नाराज लोग सीओ दफ्तर पहुंचे और नारेबाजी शुरू कर दी। दो घंटा धरना देने के बाद सीओ सुबोध जायसवाल ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। मंगलवार को सिपाही दिलदार, अभिषेक कुमार, हिमांशु गौतम को सस्पेंड किया गया है।
मामले में प्रभारी निरीक्षक चंद्रभान यादव ने कहा कि पिटाई की जानकारी उनको 15 अगस्त के दिन दोपहर 11 बजे हुई। आईजी दफ्तर से फोन आया था इसलिए कार्रवाई करनी पड़ी। उन्होंने बताया कि अटल की पत्नी ने मारपीट दहेज उत्पीड़न का मुकदमा भी दर्ज करवाया है।
प्रभारी निरीक्षक पर भी कार्रवाई की मांग
पुलिस की बेरहमी से पिटाई मामले में जिले के अलग अलग क्षेत्रों से लोगों ने पुलिस कप्तान संजीव सुमन से मुलाकात की और मामले में प्रभारी निरीक्षक पर कार्रवाई की मांग की। एसपी संजीव सुमन ने बताया कि पीड़ित व्यक्ति ने उनसे मुलाकात की है और वह अब तक की कार्रवाई से संतुष्ट हैं।
मामले में तीन सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया गया है। जांच की जा रही है। प्रभारी निरीक्षक ने समझाने के लिए बात कही थी। किसी को धमकाया नहीं गया था। मुकदमा लिखा गया था। पिटाई करना गलत है।
- सुबोध जायसवाल, सीओ