बदायूं। ऑनलाइन उपस्थिति आदेश को सरकार ने दो माह के लिए स्थगित कर दिया है। सरकार के पीछे हटने को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय प्रचार मंत्री ने महिला शिक्षकों की जीत बताया। बोले- आंदोलन में उनकी भागीदारी और एकजुटता की वजह से सरकार पीछे हटी है।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांत प्रचार मंत्री व जिलाध्यक्ष संजीव शर्मा ने कहा कि प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा के साथ संघ के प्रतिनिधि मंडल की वार्ता मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन के साथ हुई। डिजिटलाइजेशन प्रकरण में शिक्षकों को होने वाली समस्याओं से मुख्य सचिव को रूबरू कराया था। उन्होंने बताया कि पुरुष तो अधिकतर धरना-प्रदर्शन में प्रतिभाग कर लेते हैं, लेकिन महिलाओं के लिए आगे आना ही अपने आप में एक चुनौती है, लेकिन इस बार महिलाओं ने कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया। इसका नतीजा सबके सामने आया है। आने वाले समय में यूं ही महिलाएं साथ देती रहीं तो यह लड़ाई जीतकर ही रहेंगे। इस निर्णय पर शीर्ष नेतृत्व जो भी निर्णय लेगा, उसी के अनुसार आगामी रणनीति तैयार की जाएगी।
मुद्दा अभी खत्म नहीं... एकजुटता के साथ आवाज रखेंगे बुलंद
बदायूं। अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ से संबद्ध प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अरुण पांडेय ने कहा कि सरकार ने सिर्फ दो महीने के लिए आदेश को स्थगित किया है। आदेश निरस्त नहीं किया है। इसलिए शिक्षकों और कर्मचारियों को एकजुटता बनाए रखनी है और जरूरत पड़ने पर आवाज को बुलंद करना होगा। इसके लिए तैयार रहें। उनके साथ अटेवा के जिलाध्यक्ष ओमवीर सिंह, उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष किरन सिंह, टीचर्स सेल्फ केयर टीम के जिला संयोजन चक्रेश कुमार, परिषदीय अनुदेशक कल्याण एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष प्रतीक दुबे, असमायोजित शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रावेंद्र सिंह यादव, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष अमित कुमार शर्मा, अनुसूचित जाति जनजाति बेसिक शिक्षक महासभा के जिलाध्यक्ष हरीश दिनकर आदि ने कहा कि अपने संगठन के प्रांतीय नेतृृत्व से वे संपर्क में हैं और जैसा निर्णय होगा। उसके अनुरूप कर्मचारी एकजुटता दिखाएंगे। संवाद