आंवला। पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह के आवास के ऐन पीछे कान्हा गोशाला के पास मृत गोवंशीय पशु मिलने के बाद जमकर हंगामा हुआ। एक तरफ नगर पालिका चेयरमैन और हिंदू संगठनों ने चुनाव के माहौल में रची गई साजिश करार दिया तो दूसरी तरफ पूर्व चेयरमैन इसे प्रशासन की लापरवाही बताकर गोशाला की आड़ में गोकशी का शक जताते रहे। काफी देर हंगामे के बाद पुलिस जैसे-जैसे मृत पशु को दफन कराया।
पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह के आवास के पीछे कान्हा गोशाला के पास मंगलवार सुबह कूड़े के ढेर में मृत गोवंशीय पशु दबा मिला। इसकी सूचना पर विश्व हिंदू परिषद की गो रक्षा वाहिनी के अमित शर्मा, तुलसी हिंदू बजरंग दल के आशीष पहुंचे और कार्यकर्ताओं के साथ हंगामा करते हुए अफसरों को सूचना दी। इसी बीच चेयरमैन संजीव सक्सेना और पूर्व चेयरमैन आबिद अली भी पहुंच गए।
पहले चेयरमैन के साथ आए नगर पालिका के ठेकेदार अंकुर वर्मा से भी हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं की नोकझोंक हुई। इसके बाद पूर्व चेयरमैन आबिद अली और चेयरमैन संजीव सक्सेना एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए भिड़ गए। पूर्व चेयरमैन का कहना था कि भाजपा सरकार में ही गाय सुरक्षित नहीं हैं। चेयरमैन संजीव सक्सेना ने इसे चुनावी माहौल में विरोधियों की साजिश बताया।
इस बीच गोबर के ढेर में और गोवंशीय पशुओं के और अवशेष दबे होने की बात कही गई तो चेयरमैन ने जेसीबी मंगाकर खोदाई कराई मगर और अवशेष नहीं मिले। पुलिस ने जैसे-तैसे दोनों पक्षों को शांत कर मृत पशु को दफन करा दिया। केंद्रीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड के सदस्य जयप्रकाश ने बताया कि गोशाला में पशुओं की गिनती पूरी पाई गई। यह राजनीतिक मामला हो सकता है। गोशाला का जहां कूड़ा डाला जाता है, वहीं गोवंशीय पशु का शव मिला है जो काफी पुराना है।
कान्हा गोशाला का इससे कोई लेनादेना नहीं है। गोशाला को बदनाम करने के लिए यह राजनीतिक षड्यंत्र रचा गया है। इसकी जांच करके सच सामने लाना चाहिए। - संजीव सक्सेना, चेयरमैन नगर पालिका आंवला
यह पालिका अध्यक्ष और आंवला प्रशासन की अनदेखी है। अवशेष कहां से आए, इसकी जांच कराई जाए। हो सकता है गोशाला की आड़ में गोकशी का धंधा पनप रहा हो। - आबिद अली, पूर्व चेयरमैन नगर पालिका आंवला