इसी सिलसिले में दिल्ली गए नगर आयुक्त शीलधर यादव शनिवार को बताया कि उन्होंने दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट के वकीलों से बातचीत की है। वकीलों को उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी न दिए जाने के संबंध में की गई आपत्तियों को रखा। करीब चार घंटे सभी विधिक पहलुओं पर मंथन के बाद वकीलों ने राय दी कि बोर्ड की आपत्तियां बेवजह हैं। इसलिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने का निर्णय लिया है। फरवरी के अंत तक याचिका दायर कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्लांट चलाने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अधिकांश आपत्तियां दूर की जा चुकी हैं, इसके बावजूद बार-बार आपत्तियां लगाने से लग रहा है कि प्लांट चलाने की राह में जानबूझकर रोड़े अटकाए जा रहे हैं। नगर निगम के सामने सुप्रीम कोर्ट जाने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है।