इस पर अदालत ने 22 फरवरी को नवाबगंज पुलिस से रिपोर्ट तलब की है। जीतपाल के अनुसार उसने अपर जिला अधिकारी (प्रशासन) को प्रार्थना पत्र दिया था कि उसक ी फसल को न उजाड़ा जाए और फसल के दौरान चक के कार्य को रोका जाए। यह पत्र अपर जिलाधिकारी ने आवश्यक कार्यवाही के लिए तहसीलदार के पास भेज दिया। जब वह तहसीलदार के पास पहुंचा तो उन्होंने उसके साथ मारपीट की और जाति सूचक शब्द कहे। मारपीट करने में पंचायत अधिकारी समेत अन्य चार लोग भी शामिल रहे।