अपर लघुवाद न्यायाधीश शक्ति सिंह ने अदालत के आदेश का पालन न करने पर जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक छह फरवरी को तलब किया है।
बड़ा बाजार में अजय कुमार की वास कंपनी के नाम से दवाई की फर्म है। जिला अस्पताल से तीन मई 2006 को दवा सप्लाई के लिए टेंडर निकला था। इस फर्म ने पांच लाख 29 हजार 299 रुपये की दवाएं सप्लाई की थीं मगर इसका भुगतान जिला अस्पताल ने नही किया। तीन जुलाई 2008 को अजय कुमार ने ब्याज समेत 6 लाख 56 रुपये की बसूली के लिए मुकदमा दायर किया। अदालत ने 21 जुलाई 2014 को टेंडर की मूल शर्तों का ब्योरा मांगा तो बताया गया कि मूल शर्तें कही खो गई हैं। स्वास्थ्य विभाग के अपर निदेशक सह प्रमुख अधीक्षक ने कनिष्ठ लिपिक का स्पष्टीकरण मांगकर मामले को बंद कर दिया। अदालत ने इसे गंभीरता से लिया और प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक को छह फरवरी को अदालत में मूल टेंडर की शर्तों के कागजात के साथ तलब किया है। सीएमएस डॉ. डीपी शर्मा ने बताया कि उन्होंने जिला अस्पताल में चार अक्टूबर 2014 को कार्यभार ग्रहण किया है। अदालत का आदेश प्राप्त होते ही उसका पालन किया जाएगा।