बरेली। छह साल पहले हाफिजगंज के तिगरा गांव में किसान सुच्चा सिंह, उसकी पत्नी और तीन बच्चों की हत्या के चर्चित मामले में अदालत ने सुच्चा सिंह के भाई कश्मीर सिंह और बहनोई गुरुमेजर सिंह उर्फ जोगेंद्र को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। गवाही के दौरान वादी मां और भाई पक्षद्रोही हो गए। सजा का आदेश अपर सत्र न्यायाधीश हरेंद्र बहादुर सिंह ने दिया।
घटना 12 सितंबर 2016 को तिगरा गांव में हुई। इसकी रिपोर्ट सुच्चा सिंह की मां बलजीत कौर ने लिखाई थी। रिपोर्ट में कहा गया कि बलजीत कौर का बेटा सुच्चा सिंह शराबी और गुस्सैल प्रवृत्ति का था। उसने पश्चिम बंगाल की एक महिला से शादी कर उसका नाम जसप्रीत कौर रख लिया था। पारिवारिक संपत्ति और जमीन को लेकर उसका भाइयों से झगड़ा चल रहा था। फरवरी, 2016 में सुच्चा सिंह ने अपनी पत्नी जसप्रीत कौर की ओर से अदालत के जरिये भाई कश्मीर सिंह और बहनोई जोगेंद्र के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा लिखा दिया।
बाद में सुच्चा सिंह ने अपने वकील के जरिये कश्मीर सिंह और जोगेंद्र से दुष्कर्म के मामले में गवाही न देने के एवज में एक लाख रुपया ले लिया था। इसके बावजूद उसने दोनों के खिलाफ गवाही दे दी। इससे सुच्चा सिंह और कश्मीर सिंह के बीच तनाव काफी बढ़ गया था। घटना वाली रात नौ बजे चीखपुकार सुनकर बलजीत कौर उठीं तो देखा कि कश्मीर सिंह तलवार से जसप्रीत कौर पर प्रहार कर रहा था। छत से सुच्चा सिंह के तीनों बच्चों के चीखने की आवाज आ रही थी। बाहर जाकर देखा तो सुच्चा सिंह की पत्नी का शव विक्षत हालत में पड़ा था। उनकी सूचना पर पुलिस आ गई। तब देखा कि घर की छत पर तीनों बच्चों के शव पडे़ थे। आसपास तलाश करने पर सुच्चा सिंह का शव भी मिल गया।
अभियोजन की ओर से सरकारी वकील रीतराम राजपूत ने पक्ष रखा। उन्होंने कुल 16 गवाह पेश किए। इनमें सुच्चा सिंह की मां बलजीत कौर और भाई हरनाम सिंह भी शामिल थे, लेकिन ये दोनों गवाही के दौरान पक्षद्रोही हो गए। कोर्ट ने इस मामले में कश्मीर सिंह और जोगेंद्र सिंह को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके अलावा दोनों पर 60-60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।