बरेली। दहेज के लिए महिला की हत्या के दोषी पति को अपर सत्र न्यायाधीश सत्यदेव गुप्ता की अदालत ने दस साल कैद की सजा सुनाई ।
गांव व्योधा थाना शेरगढ़ निवासी धनपाल ने 6 अप्रैल 14 को लिखाई में रिपोर्ट में कहा था कि बेटी स्वाती सिंह की शादी 13 मई 13 को थाना शाही के ठाकुरद्वारा के रहने वाले योगेश से की थी। विवाह के समय ही पति मोटर साइकिल और नगदी की मांग करने लगा था। प्रबंध न होने पाने के कारण मांग पूरी नहीं की जा सकी। शादी के बाद बेटी ने बताया कि पति योगेश, उसके नाना, नानी, सास, ससुर और ननद मोटरसाइकिल और नगदी को लेकर ताने मारते हैं। घटना से पंद्रह दिन पहले उसकी बेटी घर आई और उत्पीड़न की शिकायत की। उसने बेटी को समझा बुझा कर ससुराल भेज दिया। 6 जून 14 को पड़ोस के लोगों ने फोन करके बताया कि उनकी बेटी ने आत्महत्या कर ली। रिपोर्ट में आरोपियों पर बेटी की हत्या कर फांसी पर लटकाने का आरोप लगाया गया था। अभियुक्त योगेश के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय मेें पेश किया गया। कोर्ट ने अभियुक्त योगेश सिंह को दोषी ठहराते हुए दस साल कैद की सजा सुनाई।