फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घर के सामने हुआ दंपती और मां का अंतिम संस्कार

विज्ञापन
तीनों शवों को मुखाग्नि देते पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजेश गुप्ता। संवाद - फोटो : BADAUN
विज्ञापन
बदायूं। उसहैत इलाके में मंगलवार सुबह पूर्व जिला पंचायत सदस्य राकेश गुप्ता, उनकी मां शांति देवी और पत्नी शारदा गुप्ता के शवों का अंतिम संस्कार उनके घर के सामने हुआ। तीन चिताएं एकसाथ जलती देख मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम थीं। छोटे भाई पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजेश गुप्ता ने शवों को मुखाग्नि दी।
विज्ञापन

राकेश गुप्ता की बेटी शिवानी के आंसू नहीं थम रहे थे। अंतिम संस्कार के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता, दातागंज विधायक राजीव कुमार सिंह, उसहैत के पूर्व चेयरमैन गौरव कुमार गुप्ता, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चेतना सिंह यादव, सपा जिलाध्यक्ष प्रेमपाल सिंह यादव, उनके बेटे अवनीश यादव, पूर्व विधायक आशीष यादव, उनके बेटे शेखूपुर विधायक हिमांशु यादव के अलावा तमाम नेता मौजूद रहे।
सभी लोगों ने राकेश गुप्ता, उनकी मां और पत्नी को अंतिम विदाई दी। हजारों लोग मौके पर मौजूद रही। इधर, पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था रही। एसपी सिटी अमित किशोर श्रीवास्तव, सीओ उझानी शक्ति सिंह, सीओ बिल्सी श्याम नारायण, इंस्पेक्टर हजरतपुर खीम सिंह जलाल, इंस्पेक्टर मूसाझाग राजेश कुमार और तमाम थानों से पुलिस बल मौजूद रहा।
विज्ञापन

आरोपी के घर पर पुलिस बल तैनात
राकेश गुप्ता के घर पर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था लगाई गई है। वहीं, आरोपियों के घर पर भी पुलिस तैनात की गई है। हालांकि उसके घर पर कोई व्यक्ति मौजूद नहीं है।
आजीवन कारावास का मुजरिम है रविंद्र दीक्षित
तिहरे हत्याकांड में नामजद आरोपी रविंद्र पाल दीक्षित को राकेश गुप्ता के पिता की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है, लेकिन सजा सुनाये जाने के बाद आरोपी ने मामले में अपील कर दी, जिससे रविंद्र जमानत कराकर बाहर आ गया। इसके अलावा नरेश गुप्ता की हत्या में शामिल केवल दो आरोपी ब्रजभान और चंद्रभान जेल में है। अभी दोनों की जमानत नहीं हुई है, जबकि आरोपी हरी, रतिभान, सूरजभान, राम सिंह, राज बहादुर, किशनलाल, जगपाल और अमरपाल जमानत पर चल रहे हैं।
बरेली में रहता है रविंद्र का परिवार
आरोपी रविंद्र तमाम मामलों में नामजद है। उसने अपना मकान बरेली में बनवाया है। उसका परिवार बरेली में ही रहता है। तीनों हत्याओं के दौरान वह और उसका बेटा गांव में मौजूद थे।

एक साथ जलती मां-बेटे और पत्नी की चिताएं। संवाद- फोटो : BADAUN

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें