बरेली। भोजीपुरा-अग्रास मार्ग के 19 किलोमीटर हिस्से का चौड़ीकरण करने के लिए पांच गांवों के रकबे की जमीन ली जानी है। चौड़ीकरण का काम शुरू हुए दो महीने से ज्यादा समय हो गया लेकिन अभी तक किसी किसान को जमीन के बदले मुआवजा नहीं दिया गया और न ही यह तय हो सका कि किसको मुआवजा देना है। लोक निर्माण विभाग के मुख्यालय ने अधिग्रहण के लिए जारी सात करोड़ रुपये का हिसाब मांगा तो अफसर अब रिकॉर्ड खंगालने में जुटे हैं।
यह मार्ग फिलहाल 3.75 मीटर चौड़ा है। अब 7 मीटर और चौड़ा किया जाना है। वैसे तो सड़क के दोनों ओर लोक निर्माण विभाग की अपनी जमीन है लेकिन कुछ हिस्सों में किसानों की जमीन आ रही है। मोटे आकलन के आधार पर 7 करोड़ रुपये बजट सरकार से भूमि अधिग्रहण के लिए मांग लिया गया था। इसके लिए दो महीने पहले मंजूरी हो गई थी लेकिन एक इंच भी जमीन का अधिग्रहण नहीं हो सका। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता नारायण सिंह ने बताया कि काम रफ्तार पर है। इधर, लोक निर्माण विभाग राजस्व विभाग के भू अभिलेख और रिकॉर्ड खंगाल रहा है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि भूमि का कौन सा हिस्सा ऐसा है जो पहले से लोक निर्माण विभाग के नाम है। इसके अलावा कौन सी ऐसी जमीन है जो किसान की है। पड़ताल के बाद ही अधिग्रहण के लिए रुपये व्यय किए जा सकेंगे।
सोरहा के पास सड़क बनी तालाब, जल्द हो चौड़ीकरण
बरेली। गांव टिटौली निवासी जितेंद्र श्रीवास्तव के मुताबिक दो साल से अग्रास-अभयपुर मार्ग टिटौली से सोरहा तक जर्जर है। सोरहा के पास सड़क तालाब बन गई है। इसलिए जल्दी काम कराया जाए। सोरहा के पूर्व प्रधान आबिद हुसैन और मौजूदा प्रधान शाकिर हुसैन ने बताया कि कई वाहन पलटने से बचे। ब्यूरो