बरेली। एक साल में चार बार पत्राचार के बाद भी 12.59 लाख रुपये का हिसाब नहीं मिल सका। मामला फतेहगंज पश्चिमी ब्लॉक का है। फरवरी 2020 से जुलाई 2021 के बीच ब्लाॅक को दिए गए सरकारी धन का ऑडिट हुआ तो 12.59 लाख रुपये बैंक खाते में कम मिले। तत्कालीन खंड विकास अधिकारी प्रणय कृष्ण से हिसाब मांगा गया था, लेकिन नहीं मिल सका। खंड विकास अधिकारी अब प्रोन्नत होकर सहारनपुर में जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक (पीडी) बन गए हैं। अब एक बार फिर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
तत्कालीन खंड विकास अधिकारी प्रणय कृष्ण से 15 जून 2023 को पहली बार स्पष्टीकरण मांगा गया था। इसके बाद सात अक्तूबर 2021, 22 नवंबर 2021 व 28 जुलाई 2023 को भी पत्र लिखे गए। प्रणय कृष्ण ने आठ अगस्त 2023 को जवाब दिया था। इसमें उन्होंने लिखा था कि अवकाश एवं मुख्यालय छोडने की अनुमति मिलते ही वह स्पष्टीकरण देंगे। तब से लेकर अब तक एक वर्ष से अधिक का समय बीत गया, लेकिन न तो जवाब दिया और न ही वह यहां आए। संयुक्त विकास आयुक्त प्रदीप कुमार ने अब फिर से पत्र भेजा है। इसमें इसे लापरवाही और अनुशासनहीनता बताते हुए लिखा है कि जवाब नहीं आया तो अगली कार्रवाई की जाएगी।
आपत्ति आने के बाद मैंंने ऑडिट टीम से बात की थी। आपत्ति दूर करने के लिए विकास खंड कार्यालय से अभिलेख दिलाए गए थे। अगर कहीं कोई कमी रह गई है तो उसे भी दूर कराएंगे। - प्रणय कृष्ण, परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण सहारनपुर
अमर उजाला ब्यूरो