दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी संजय पाठक का मानना है कि यह शोध छोटे बिलाव के संरक्षण और उनकी आबादी बढ़ाने में काफी कारगर साबित होगा। शोधकर्ताओं की सिफारिश के अनुसार दुधवा में छोटे बिलाव के लिए पुराने कॉरीडोर को सुदृढ़ किया जाएगा और कुछ नए कॉरीडोर भी विकसित किए जाएंगे।
छोटे बिलाव प्रजाति में आते हैं ये जीव
छोटे बिलाव प्रजाति में फिशिंग कैट, जंगल कैट, लैपर्ड कैट, रस्टी स्पाटेड कैट समेत यह सभी जीव दुधवा टाइगर रिजर्व में पाए जाते हैं। इसमें इनकी सबसे अधिक संख्या दुधवा नेशनल पार्क और किशनपुर सेंक्चुअरी जंगल में पाई जाती है।
दुधवा टाइगर रिजर्व के अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक / एफडी संजय पाठक ने बताया कि दुधवा टाइगर रिजर्व में छोटे बिलाव के संरक्षण और संवर्धन के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजिकल संस्था शोध कर रही है। शोधकर्ताओं की सिफारिश के अनुसार दुधवा में छोटे बिलाव के संरक्षण और संवर्धन के लिए कॉरीडोर विकसित किए जाएंगे।