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धरतेरस और दिवाली पर पर ज्वैलरी और बर्तन कारोबार पर बेअसर रहा कोरोना

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त्योहार की खरीदारी करते लोग। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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हालांकि सजावटी आइटम, इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार पर 50 से 70 फीसदी ही खरीददारी
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शुक्रवार को शहर में मुख्य बाजार देर रात रहे गुलजार, लगी रही ग्राहकों की भीड़

बरेली। धनतेरस और दिवाली पर शुक्रवार के बाजार पर भी ज्वैलरी और बर्तन बाजार की चमक कोरोना के असर से बेअसर रही। व्यापारियों सराफ और बर्तन बाजार के कारोबारियों का कहना है कि इस बार हर साल की तरह की व्यापार रहा है। कुतुबखाना और बड़ा बाजार में शुक्रवार को भी बर्तन और सराफ की दुकानों पर काफी भीड़ रही। कुतुबखाना चौराहे से जिला अस्पताल पर भी दुकानों पर जबरदस्त भीड़ रहने से दिनभर जमा लगा रहा। इधर सिविल लाइंस रोड पर भी खरीददारों की भीड़ से काफी रौनक रही। हालांकि सजावटी आइटम और इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार इस बार पिछले साल के मुकाबले 25 से 30 फीसदी तक ठंडा रहा। दुकानदारों का कहना है कि इस बार इलेक्ट्रॉनिक्स के आइटमों की खरीद में लोगों ने काफी कम दिलचस्पी दिखाई। जबकि कोरोना को देखते हुए कंपनियों ने इस बार कई आकर्षक ऑफर दिए हुए थे।

सोना महंगा होने से राजकोट और मुंबई के हल्के आभूषण ग्राहकों ने लुभाए

-सोना 50 हजार प्रति दस ग्राम से ऊपर का रेट रहने से इस बार राजकोट और मुंबई के आभूषणों को ग्राहकों ने काफी पसंद किए। सिविल लाइंस में एक ज्वैलरी शोरूम के मालिक संदीप अग्रवाल का कहना है कि कोरोना को देखते हुए इस बार बाजार पर इसका असर पड़ने की उम्मीद थी लेकिन लोगों ने इस बार भी हर साल की तरह की खरीददारी की है। कोरोना का त्योहार पर सोना-चांदी की ज्वैलरी पर कोई असर न पड़ने से व्यापारियों को काफी राहत रही है। उनका कहना है कि इस बार सोना के रेट 50 हजार प्रति दस ग्राम के ऊपर थे। इसके लिए राजकोट और मुंबई से बनकर आने वाले सोने के हल्की ज्वैलरी की काफी डिमांड रही है। स्थानीय बाजार में इतनी सफाई से आभूषण बना पाना संभव नहीं है। धरतेरस और दिवाली के शुक्रवार के बाजार में काफी अच्छी ब्रिक्री हुई है। हल्की ज्वैलरी में सोने के कुंडल, अंगूठी, टॉप्स काफी बिके हैं। डायमंड की अंगूठी की भी अच्छी डिमांड रही है।

गिफ्ट आइटमों की बिक्री से बर्तन बाजार दूसरे दिन भी चमका रहा

धनतेरस और दिवाली के बाजार में बृहस्पतिवार के बाद शुक्रवार को भी बर्तन बाजार की चमक बनी रही। बड़ा बाजार, कुतुबखाना आदि बाजार देर रात तक गुलजार रहे। कुतबुखाना में बर्तन के बड़े व्यापारी प्रभात किशोर अग्रवाल का कहना है कि शुक्रवार को भी बर्तनों की बिक्री अच्छी रही है। कोरोना के बावजूद लोगों ने बर्तनों की अच्छी खरीददारी की है। शुक्रवार को दिवाली पर लोगों ने गिफ्ट आइटम जैसे प्रिंटेड कॉपर ग्लास, कलर्ड प्रेशर कूकर खूब खरीदे हैं। कलर्ड प्रेशर कूकर की कीमत दो से पांच हजार रुपये तक रही है। उनका कहना है कि धनतेरस पर बृहस्पतिवार और शुक्रवार को दोनों ही दिन लगभग बराबर बिक्री हुई है। बृहस्पतिवार को लोगों अपने घरेलू आइटम ज्यादा खरीदे, जबकि शुक्रवार को गिफ्ट आइटमों की ज्यादा बिक्री रही।

इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार पर रहा मंदी का असर

-दो सबसे बड़े त्योहारों पर इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार पर मंदी का असर रहा। सिविल लाइंस में एक इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम के मालिक अक्षत अग्रवाल का कहना है कि इस बार कोरोना की वजह से 25 से 30 प्रतिशत तक खरीददारी कम हुई है। जबकि कंपनियों ने कोरोना को देखते हुए काफी आकर्षक स्कीमें चला रखी है। उनका कहना है कि इस बार सबसे ज्यादा से 10 से 15 हजार रुपये की कीमत वाली वाशिंग मशीन और 30 से 40 हजार रुपये की कीमत वाली एलईडी टीवी की बिक्री ज्यादा हुई है। हालांकि मिक्सी, प्रेस आदि भी आइटमों की काफी बिक्री हुई है। उनका कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक्स आइटमों की ऑनलाइन खरीददारी से भी दुकानों पर बिक्री का असर पड़ रहा है।

सजावटी आइटम भी लोग कम खरीद रहे, रंगोली की काफी मांग

दिवाली पर घर सजाने के लिए इस बार सजावटी आइटमों की डिमांड 60 से 70 प्रतिशत ही रही है। इस बार प्रिंटेड रंगोली से ज्यादा रंग की ज्यादा मांग रही है। सिविल लाइंस में डेकोरेशन का व्यापार करने वाली तरुण बताते हैं कि इस बार लोगों ने सजावटी आइटम कम खरीदे हैं। हालांकि गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति की बिक्री अच्छी रही है लेकिन इस बार पचास से लेकर पांच सौ रुपये तक मूल्य वाली ही मूर्तियों की ज्यादा मांग रही है। जबकि पिछले साल लोगों से एक हजार रुपये तक कीमत वाली मूर्तियां खरीदी थी। कोरोना में बाजार हल्का रहेगा, इसलिए उन्होंने कोलकाता से पिछले साल के मुकाबले कम ही मूर्तियां मंगवाई थी।
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