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कोरोना इफेक्ट: डीआईजी ने किया दफ्तर में बैठना बंद, कप्तान के दफ्तर में भी सन्नाटा

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शिकायत सुनते एडीजी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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दफ्तरों में बैठने से बच रहे अधिकारी, शिकायतें डाक से भेजने की सलाह

बरेली। एसपी क्राइम के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद से अफसर और उनका स्टाफ सहमा हुआ है। सोमवार को कार्यालय खुले तो इसका सीधा असर दिखाई पड़ा। एसएसपी तो काफी समय से दफ्तर में नहीं बैठ रहे हैं, अब डीआईजी ने भी दफ्तर में बैठकर काम करना बंद कर दिया है। स्टाफ सामाजिक दूरी का पालन करते हुए लोगों की शिकायतें ले रहा है। सोमवार को केवल एडीजी ने ही शिकायतें सुनीं। सोमवार को पुलिस अफसरों के दफ्तरों का कुछ ऐसा रहा नजारा-

एसपी क्राइम का दफ्तर लॉक, स्टाफ गया जांच कराने

एसपी क्राइम का कक्ष लॉक था। उनका पेशी कार्यालय खुला था, लेकिन स्टाफ नहीं था। पता लगा कि अधिकांश लोग होम क्वारंटीन हैं। बाकी पुलिस लाइन में कोरोना की जांच कराने गए हैं। इससे सटा एसपी देहात का कार्यालय और स्टाफ के कमरे भी सूने पड़े थे।

एसएसपी दफ्तर में नहीं हुई सुनवाई

एसएसपी दफ्तर में सोमवार को कोई अधिकारी नहीं बैठा। जन शिकायत प्रकोष्ठ प्रभारी सतीश यादव और उनकी टीम के सदस्य दूर-दूर बैठे थे। यहां आम दिनों के मुकाबले सोमवार को फरियादी भी कम थे। अधिकांश लोगों से कहा गया कि वे अपनी शिकायतें डाक से भेज दें। जो तात्कालिक कार्रवाई के मामले थे, उनमें संबंधित थाने को कॉल करके बता दिया गया। एसएसपी सोमवार को पूरे दिन अपने आवास पर ही रहे।

डीआईजी ने कैंप ऑफिस मंगा लीं शिकायतें

डीआईजी राजेश पांडेय ने कार्यालय में बैठकर जन शिकायतें सुनने से परहेज किया। हालांकि गेट पर मौजूद स्टाफ ने मोबाइल नंबर लिखवाकर फरियादियों से उनकी शिकायतें ले लीं और फरियादियों को वापस भेज दिया। उन्हें बता दिया गया कि शिकायत का निस्तारण हो जाएगा। न होने पर संबंधित मोबाइल नंबर पर बात कर लें। डीआईजी ने कैंप ऑफिस से ही सारा काम निपटाया। कुछ देर काम निपटाने दफ्तर भी आए पर स्टाफ के अलावा किसी से मुलाकात नहीं की।

एडीजी ने की सुनवाई, बरेली के मामले वापस भेजे

एडीजी अविनाश चंद्र ने रोज की तरह कार्यालय में बैठकर जनसुनवाई की। बरेली जिले के कुछ ऐसे मामले सुनवाई को आए जिनमें पीड़ित पक्ष थाने भी नहीं गया था। स्टाफ ने ऐसे लोगों को थाने जाने की बात कहकर बाहर से ही भेज दिया। कहा, पहले संबंधित थाने, सीओ या जिले के अन्य अधिकारियों से शिकायत करें। निस्तारण न होने पर यहां आएं। दूसरे जिलों के मामलों में एडीजी ने पर्याप्त दूरी बनाकर सुनवाई की।

इन शिकायतों का नहीं हो सका निस्तारण

सिविल लाइंस की भटनागर कॉलोनी निवासी महिला अपने दामाद की शिकायत लेकर आई थी। बताया, दामाद से बेटी का मुकदमा चल रहा है, जबकि दहेज में दी गई बाइक वही इस्तेमाल कर रहा है। वह धमकी दे रहा है कि गलत काम में बाइक का प्रयोग करके उन्हें फंसा देगा, क्योंकि बाइक बेटी के नाम है। भाजपा से जुड़े अल्पसंख्यक वर्ग के नेता ने जगतपुर चौकी के दरोगा पर आरोप लगाए। कहा, उनके भाई से कुकर्म के मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई है। दरोगा इसमें समझौते का दबाव बना रहा है। संजयनगर निवासी प्रेमवती मारपीट के आरोपियों के खिलाफ तहरीर देने कई लोगों के साथ आईं। उनका कहना था कि चौकी पर दी गई तहरीर वापस लेने को आरोपी दबाव बना रहे हैं।
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