बरेली। बकाया भुगतान के मामले का निस्तारण करने के लिए एसई ने ठेकेदार और अवर अभियंता (जेई) को कार्यालय में बुलाया तो दोनों उनके सामने ही भिड़ गए। दूसरे अभियंताओं ने बीच-बचाव किया। मौके की नजाकत को समझते हुए अवर अभियंता एसई के कक्ष से बाहर आ गए तब आगे की वार्ता हो सकी।
जेई ने ठेकेदार के काम की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए तो ठेकेदार ने कहा कि उनका खर्च तो अधिक हुआ पर भुगतान उतना भी नहीं किया गया, जितने के बांड भरवाए गए थे। अधिशासी अभियंता नारायण सिंह ने बताया कि एसई के निर्देश के बाद ठेकेदार के कार्य का आकलन कर बिल बनाने और भुगतान कराने पर सहमति बन गई है। वार्ता के दौरान पल भर के लिए दोनों पक्षों में आपसी मतभेद को लेकर गहमागहमी हुई थी। दोनों पक्षों को समझाया गया है।ये है मामला
ठेकेदार शिवकुमार अग्रवाल का आरोप है कि बकाया भुगतान प्राप्त करने के लिए उन्होंने जेई से बिल बनाने का आग्रह किया तो उन्हें धमकाया गया। ठेकेदार ने 24 मार्च को मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता से शिकायत की थी। अधीक्षण अभियंता ने अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए थे पर न तो भुगतान नहीं हुआ, न ही बिल बने। इसी को लेकर बुधवार को ठेकेदार और जेई को बुलाया गया था। अब बृहस्पतिवार को बिल बनेंगे। भुगतान भी होगा। ऐसा भरोसा दिया गया है।