वह अकेले ही गाड़ी तेजी से चलाकर थाने पहुंचा और घटना की जानकारी दी। प्रभारी निरीक्षक अजयपाल सिंह तत्काल उसे मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे और भर्ती कराया। उधर, सूचना मिलते ही एसएसपी अखिलेश चौरसिया, एसपी ग्रामीण राजकुमार अग्रवाल सहित तमाम अधिकारी मेडिकल कॉलेज आ गए। अभी शुभम की शादी भी नहीं हुई है।
मोबाइल खोलेगा राज, किससे हुई थी तकरार
मोबाइल पर बात करने के बाद सिपाही शुभम का आत्मघाती कदम उठाने का राज मोबाइल से ही खुलेगा। आखिर ऐसी क्या बात थी जिससे शुभम ने आत्मघाती कदम उठाया। यह भी पता लगेगा कि जिससे मोबाइल पर बात हो रही थी वह कौन था।
होमगार्ड मांगता रहा मदद लेकिन कोई नहीं आया
सिपाही शुभम द्वारा गोली मारने के बाद पानी पीकर पहुंचा होमगार्ड नवल लोगों से साथ चलने के लिए मदद मांगता रहा लेकिन कोई व्यक्ति मदद के लिए नहीं आया। नवल किशोर ने हिम्मत से काम लिया और तेज रफ्तार से गाड़ी लेकर भोजीपुरा थाने पहुंचा वहां से प्रभारी निरीक्षक घायल सिपाही को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे और तत्काल भर्ती कराया। डाक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू कर दिया।
एसएसपी अखिलेश कुमार चौरसिया ने बताया कि सिपाही शुभम ने मोबाइल पर बात करते समय साथी होमगार्ड को गाड़ी से बाहर भेज दिया। फोन पर ही तकरार होने पर कनपटी में गोली मार ली। गोली सिर के उस पार निकल गई है। हालत नाजुक बनी है। मोबाइल की कॉल डिटेल से गोली मारने का कारण साफ हो पाएगा।