बुलंदशहर जिले के थाना सिकंदराबाद के ग्राम गेसूपुर निवासी हर्ष बैरवाल 2018 बैच में आरक्षी के पद से भर्ती हुआ था। उसकी नियुक्ति पहले निगोही थाने में हुई थी। इस बीच शासन में पत्र भेजकर सिपाही द्वारा फर्जीवाड़ा करने की शिकायत की गई। फर्जीवाड़े की बात सामने आने के बाद तत्कालीन सीओ सदर महेंद्र पाल सिंह ने जांच की। इसमें उसके अपने भाई के दस्तावेजों पर उम्र में फर्जीवाड़ा कर नौकरी प्राप्त करने की बात सामने आई। नियम के अनुसार, सिपाही की भर्ती के लिए 21 साल उम्र होनी चाहिए, लेकिन हर्ष अधिक उम्र का था।
इस बीच तत्कालीन सीओ सदर की आख्या पर निगोही थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। उसे निलंबित कर दिया गया। बहाली होने पर उसे सदर बाजार थाने में तैनाती दी गई। वर्तमान में मामले की विवेचना सीओ सदर अमित चौरसिया कर रहे थे। सीओ सदर के अनुसार, विवेचना के दौरान साक्ष्यों के आधार पर आरक्षी हर्ष बैरवाल को कूटरचित दस्तावेज तैयार कर नौकरी प्राप्त करने का दोषी पाया गया है। आरोपी को सदर थाने के सामने पेट्रोल पंप से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। सीओ ने बताया कि आरोपी ने एक साल ही नौकरी की होगी।