बरेली। जल निगम ने जिले में पांच पेयजल योजनाओं का निर्माण शुरू कराया है। फतेहगंज पूर्वी में टंकी का निर्माण रक्षा विभाग की एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) न मिलने से अटक गया है। बिशारतगंज में काम काफी धीमा है। संबंधित फर्म को दो नोटिस जारी किए गए हैं। अगर और देरी होती है तो तीसरे नोटिस केे बाद जुर्माना लगाया जाएगा।
जल निगम ने अप्रैल 2023 में सेंथल, मीरगंज, फतेहगंज पूर्वी, बिशारतगंज, शीशगढ़ में पेयजल योजनाओं का निर्माण शुरू कराया था। सेंथल, मीरगंज व शीशगढ़ में निर्माण की रफ्तार ठीक है। फतेहगंज पूर्वी के लिए निर्माण एजेंसी ने रक्षा मंत्रालय से एनओसी नहीं ली थी। इसलिए ओवरहेड टैंक का काम सैन्य बलों ने रुकवा दिया है। जल निगम के अधीक्षण अभियंता केके कटियार ने बताया कि 15 दिन पहले आर्मी की ओर से एनओसी के लिए रक्षा मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा गया है।
कोट
अनुबंध के मुताबिक अक्तूबर 2024 तक पांचों पेयजल योजनाओं का काम पूरा होना है। बिशारतगंज में निर्माण की रफ्तार धीमी है। इसलिए दो नोटिस जारी किए गए हैं। अगर देरी होती है तो फर्म पर जुर्माना लगाया जाएगा। - केके कटियार, अधीक्षण अभियंता, जल निगम
यह है हाल
कस्बा लागत कार्य
शीशगढ़ 18.17 40 फीसदी
मीरगंज 13.66 48 फीसदी
फतेहगंज पूर्वी 11.80 40 फीसदी
सेंथल 12.77 51 फीसदी
बिशारतगंज 13.75 35 फीसदी
(लागत करोड़ रुपये मेंं )