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Bareilly News: आईवीआरआई में होगी कुत्तों की जटिल सर्जरी, ब्रीड-व्यवहार पर होगा शोध

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- इज्जतनगर में देश के पहले एडवांस्ड रिसर्च सेंटर फॉर कैनाइन के निर्माण का खाका तैयार
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बरेली। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) इज्जतनगर में देश का पहला एडवांस्ड रिसर्च सेंटर फॉर कैनाइन बनने जा रहा है। 14 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित इस सेंटर में कुत्तों की जटिल सर्जरी समेत किडनी ट्रांसप्लांट होगा। साथ ही, ब्रीड और व्यवहार पर शोध भी किया जाएगा।
आईवीआरआई पॉलीक्लीनिक इंचार्ज डॉ. अमरपाल सिंह के मुताबिक देश में कई पशुओं और जानवरों के लिए रिसर्च सेंटर बने हैं, पर कुत्तों के उन्नत तकनीक से इलाज, शोध संबंधी कोई केंद्र देश में नहीं है। साल भर पहले भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) से इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली। फिर सेंटर स्थापना के लिए भूमि, बजट, संसाधन, सुविधाओं पर मंथन जारी रहा। साथ ही डीपीआर आईसीएआर को भेजी गई।
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हाल में भवन निर्माण के लिए 5.5 करोड़ बजट मिला है। सोमवार को निदेशक डॉ. त्रिवेणी दत्त ने रेफरल पॉली क्लीनिक परिसर में सेंटर के लिए चिह्नित भूमि का निरीक्षण किया। डॉ. अमरपाल के मुताबिक पॉली क्लीनिक परिसर में खाली भूमि पर भवन निर्माण का निर्णय लिया गया है। इस पर 14 करोड़ का बजट खर्च होगा।


डॉग एनाटमी का अध्ययन करेंगे विद्यार्थी
सेंटर में उन्नत तकनीक से कुत्तों के इलाज की सुविधा रहेगी। सेंटर संचालित होने पर वर्चुअल डॉग एनाटमी पर भी कार्य होगा, ताकि विद्यार्थियों को शोध के लिए प्रायोगिक जानकारी मिले। इस पर करीब दो करोड़ रुपये खर्च होंगे। सेंटर में कुत्तों पर शोध समेत कैंसर इलाज के लिए रेडियोथेरेपी, सीटी स्कैन, हाईटेक पैथोलॉजी, एमआरआई, अल्ट्रासाउंड, ट्यूमर आदि के जांच की सुविधा भी होगी।


एनबीएजीआर करेगा व्यवहार और ब्रीड संबंधी शोध
डॉ. अमरपाल के मुताबिक कुत्तों से तमाम ‘जूनोटिक बीमारियां’ होती हैं। आए दिन कुत्तों के हमले की घटनाएं सामने आ रही हैं। दूसरी ओर, कुत्तों की वफादारी के भी मामले हैं। ऐसे में कुत्तों के व्यवहार पर शोध जरूरी है। लिहाजा, राष्ट्रीय पशु आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (एनबीएजीआर) करनाल के वैज्ञानिक सेंटर में ब्रीड और व्यवहार पर शोध करेंगे। साथ ही, देशभर के देसी नस्ल के कुत्तों पर शोध कर बेहतर नस्ल खोजेंगे।


ये सुविधाएं होंगी उपलब्धकिडनी ट्रांसप्लांट, डायलिसिस, स्टेम सेल थेरेपी, डर्मेटोलॉजी, जेनेटिक मैपिंग, ब्रीड ट्रैकिंग, लिवर, ऑर्थोपेडिक समेत अन्य सर्जरी।
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एडवांस्ड रिसर्च सेंटर फॉर कैनाइन स्थापना के लिए सोमवार को संबंधित भूमि का निरीक्षण किया। कुत्तों को बीमारियों से निजात दिलाने के लिए वैज्ञानिकों ने कई तकनीक खोजी है। सेंटर बनने से इलाज और शोध का विस्तार होगा। - डॉ. त्रिवेणी दत्त, निदेशक, आईवीआरआई
अमर उजाला ब्यूरो
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