बदायूं। राजकीय डिग्री कॉलेजों के वाणिज्य वर्ग को छोड़ दें तो सभी संकायों में दाखिले के लिए होड़ है। उपलब्ध सीटों से अधिक आवेदन आए हैं। इसलिए वरीयता सूची बनाकर चरणबद्ध तरीके से दाखिले दिए जा रहे हैं, जबकि अनुदानित कॉलेजों में कम आवेदन आए हैं। सीटें खाली रह जाने के आसार हैं।
शहर में दो राजकीय और दो अर्द्ध सरकारी महाविद्यालय है। इनमें एक-एक को-एजुकेशन और एक-एक कन्या महाविद्यालय है। राजकीय डिग्री कॉलेज में बीए में सामान्य वर्ग में 69 प्रतिशत, सामान्य महिला 65.8, ओबीसी में 62.2 , ओबीसी महिला 59.2 व एससी वर्ग में 60, एससी महिला 56.2, बीएससी बायो में सामान्य वर्ग में 81.6, सामान्य महिला 76.8, ओबीसी 76.8, ओबीसी महिला 76 व एससी वर्ग में 73.2, एससी महिला 68.6, बीएससी गणित में सामान्य 80.4, सामान्य महिला 74.4, ओबीसी 69.8, ओबीसी महिला 61.6 व एससी जाति 52.2 प्रतिशत के अभ्यर्थियों के प्रवेश के लिए वरीयता सूची जारी की है। एडमिशन चल रहे हैं।
राजकीय महिला महाविद्यालय की बातें करें तो यहां पर बीए में 420 सीटें हैं। बीकॉम में 120, बीएससी बायो में 80 और बीएससी मैथ में 60 सीट हैं। इनमें केवल बीएससी बायो में छात्राओं ने सीट के सापेक्ष अधिक आवेदन किए हैं। इसकी वजह से यहां पर मेरिट लिस्ट तैयार की गई है। अन्य संकायों में बिना मेरिट लिस्ट जारी किए एडमिशन लिए जा रहे हैं। शहर के सबसे पुराने नेहरू मेमोरियल शिव नारायण दास महाविद्यालय में हर साल सीट से अधिक आवेदन आते थे। यहां पर छात्र-छात्राओं को एडमिशन कराने के लिए सिफारिशें करानी पड़ती थीं, लेकिन इस बार परिस्थिति बिल्कुल ही विपरीत है। इस बार कॉलेज सीट के सापेक्ष आवेदन कम आए हैं। ऐसे में कॉलेज प्रशासन ने सीधे तौर पर ही एडमिशन लेना शुरू कर दिया है। संवाद
गिंदो देवी महिला डिग्री कॉलेज में सीट से आधे आए आवेदन
- राज्य सरकार से अनुदानित शहर के गिंदो देवी महिला डिग्री कॉलेज में स्नातक में केवल बीए की ही कक्षाएं संचालित हैं। यूनिवर्सिटी की ओर से कॉलेज को बीए में 650 सीटें दी गई हैं, लेकिन इस बार कॉलेज में छात्राओं ने काफी कम संख्या में आवेदन किया है। हालत यह है कि यहां पर तकरीबन 350 के आसपास ही छात्राओं ने पहले चरण में आवेदन किया था। इसकी वजह से बिना मेरिट लिस्ट लगाए ही कॉलेज प्रशासन ने एडमिशन प्रक्रिया को शुरू कर दिया है।
वाणिज्य की सभी कॉलेज में सीट खाली
-राजकीय डिग्री कॉलेज, राजकीय महिला डिग्री कॉलेज, नेहरू मेमोरियल शिव नारायण दास महाविद्यालय में वाणिज्य वर्ग में छात्र-छात्राओं ने बिल्कुल रुचि नहीं दिखाई। हालात यह कि कुछ कॉलेज में आवंटन के सापेक्ष आधी सीट भरना भी मुश्किल लगा रहा है। कॉलेज प्रशासन की मानें तो वाणिज्य वर्ग के छात्र-छात्राओं का सीधा रुझान बीबीए और बीसीए की ओर होता है। यहीं वजह है कॉलेज में सीट खाली रह रही है।