15 दिन पहले दिया नोटिस, अब मुकरे
डेंगू के मरीजों का डाटा छिपाने के आरोप में बीते दिनों बहेड़ी पैथोलॉजी, न्यू सेवा पैथोलॉजी, लाइफ सिक्योर, नेशनल पैथोलॉजी, हेल्थ केयर पैथोलॉजी लैब, ट्रू रिजल्ट पैथोलॉजी, विद्या पैथोलॉजी, सुनीता पैथोलॉजी को नोटिस जारी किए गए थे। हालांकि, सोमवार को प्रकरण ने तूल पकड़ा तो डॉक्टर ने किसी अवैध लैब को नोटिस जारी करने से ही इन्कार कर दिया।
कोरोना महामारी में भी लगे थे खेल के आरोप
कोरोना काल में संक्रमितों का डाटा छिपा रहे निजी लैब और अस्पतालों से भी सेटिंग के आरोप स्वास्थ्य विभाग के सर्विलांस सेल पर लगे थे। मामले की जांच हुई पर नतीजा सिफर रहा। अब डेंगू का प्रकोप बढ़ने पर आईडीएसपी यूनिट की भूमिका सवालों के घेरे में हैं।
जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट के डॉ. मीसम अब्बास ने बताया कि जिस लैब की बात हो रही है, वह अवैध है। जब पंजीकरण ही नहीं है तो नोटिस कैसे देंगे। उन्हें बुलाकर संक्रामक रोगों की रिपोर्टिंग करने और फार्मेट के बारे में बता रहा था। सांठगांठ के आरोप निराधार हैं।